- ड्राइवर को झपकी आने से नियंत्रण खो बैठा और बस कई पलटी खाकर सड़क क्रास कर दूसरी लेन में चली गई
- मुरैना का तोमर परिवार बारात लेकर उज्जैन जा रहा था, बस में सवार थे बच्चे-महिलाओं सहित 70 बाराती
ब्यावरा। घर में शादी की खुशियां थीं। परिवार के लोग सज-धजकर बारात में शामिल होने के लिए बस में बैठे थे। ढोल-नगाड़ों और हंसी-खुशी के माहौल के बीच मुरैना से उज्जैन के लिए निकली तोमर परिवार की बारात को क्या पता था कि रास्ते में एक दर्दनाक हादसा उनका इंतजार कर रहा है। गुरुवार सुबह राजगढ़ जिले के ब्यावरा स्थित काचरी जोड़ के पास बारातियों से भरी बस पलट गई। इस हादसे में दूल्हे की दादी समेत 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि 19 लोग घायल हुए हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस के अनुसार, धर्मेंद्र ट्रेवल्स, मुरैना की बस में करीब 70 लोग सवार थे। बस मुरैना जिले के रछेड़ गांव से उज्जैन शादी समारोह में शामिल होने जा रही थी। सुबह करीब 6 बजे जब बस ब्यावरा के काचरी जोड़ के पास पहुंची, तभी चालक को अचानक झपकी आ गई। इसके चलते बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में उतर गई और उछलते हुए दूसरी लेन तक पहुंच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस करीब 12 मीटर तक पलटियां खाती रही और फिर जाकर रुकी।

कुछ बाराती खिड़कियों से बाहर गिरे तो कुछ सीटों के नीचे दबे
हादसा इतना भयावह था कि बस के अंदर बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग सीटों के नीचे दब गए, तो कुछ खिड़कियों से बाहर जा गिरे। मृतक अंशु उर्फ विष्णु तोमर (25) बस से बाहर जा गिरे थे। वहीं हादसे में दूल्हे की दादी बिटोली देवी (60) गंभीर रूप से घायल हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका पैर कटकर करीब 15 फीट दूर जा गिरा। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजन का आरोप, समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई मौत
हादसे में गंभीर घायल हुए अभय तोमर (24) की भी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर और उचित इलाज नहीं मिलने के कारण अभय की जान चली गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एक्सीडेंट के भाग गया ड्राइवर, गांववालों ने की मदद
घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस और राहत दल काफी देर से मौके पर पहुंचे। बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी। क्रेन समय पर नहीं पहुंचने से रेस्क्यू आॅपरेशन प्रभावित हुआ और हाईवे से विशेष क्रेन बुलानी पड़ी।

गंभीर घायल बच्चे, महिलाओं को को रेफर किया गया
घायलों को तत्काल ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद 8 गंभीर घायलों को रेफर किया गया। घायलों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई मासूम भी हादसे में घायल हुए, जिनमें 3 साल से 9 साल तक के बच्चे शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही राज्यमंत्री, एडिशनल एसपी केएल बंजारे, ब्यावरा थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह धाकड़ और देहात थाना एसआई गुलाब सिंह धाकड़ अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना और पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए।
लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों की थकान और सुरक्षा घेरे में
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों की थकान, ओवरलोड बसों और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ परिवार उज्जैन में शादी की तैयारियों में जुटा था, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं। रछेड़ गांव में जैसे ही हादसे और मौतों की खबर पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बारात लेकर निकला तोमर परिवार अब अस्पतालों और पोस्टमार्टम रूम के बाहर अपनों का इंतजार करता नजर आया। जिस बस में शादी के गीत गूंज रहे थे, वही कुछ देर बाद दर्द और चीखों से भर गई।

कुछ बाराती खिड़कियों से बाहर गिरे तो कुछ सीटों के नीचे दबे
हादसा इतना भयावह था कि बस के अंदर बैठे लोगों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग सीटों के नीचे दब गए, तो कुछ खिड़कियों से बाहर जा गिरे। मृतक अंशु उर्फ विष्णु तोमर (25) बस से बाहर जा गिरे थे। वहीं हादसे में दूल्हे की दादी बिटोली देवी (60) गंभीर रूप से घायल हुईं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका पैर कटकर करीब 15 फीट दूर जा गिरा। बाद में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

परिजन का आरोप, समय पर इलाज नहीं मिलने से हुई मौत
हादसे में गंभीर घायल हुए अभय तोमर (24) की भी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर और उचित इलाज नहीं मिलने के कारण अभय की जान चली गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
एक्सीडेंट के भाग गया ड्राइवर, गांववालों ने की मदद
घटना के बाद बस चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया और पुलिस व 108 एंबुलेंस को सूचना दी। हालांकि परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस और राहत दल काफी देर से मौके पर पहुंचे। बस में फंसे लोगों को निकालने के लिए काफी देर तक मशक्कत करनी पड़ी। क्रेन समय पर नहीं पहुंचने से रेस्क्यू आॅपरेशन प्रभावित हुआ और हाईवे से विशेष क्रेन बुलानी पड़ी।

गंभीर घायल बच्चे, महिलाओं को को रेफर किया गया
घायलों को तत्काल ब्यावरा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद 8 गंभीर घायलों को रेफर किया गया। घायलों में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। कई मासूम भी हादसे में घायल हुए, जिनमें 3 साल से 9 साल तक के बच्चे शामिल हैं।
घटना की सूचना मिलते ही राज्यमंत्री, एडिशनल एसपी केएल बंजारे, ब्यावरा थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह धाकड़ और देहात थाना एसआई गुलाब सिंह धाकड़ अस्पताल पहुंचे। अधिकारियों ने घायलों का हाल जाना और पुलिस को मामले की जांच के निर्देश दिए।
लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों की थकान और सुरक्षा घेरे में
इस हादसे ने एक बार फिर लंबी दूरी तय करने वाले ड्राइवरों की थकान, ओवरलोड बसों और सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ परिवार उज्जैन में शादी की तैयारियों में जुटा था, वहीं दूसरी तरफ कुछ ही पलों में खुशियां मातम में बदल गईं। रछेड़ गांव में जैसे ही हादसे और मौतों की खबर पहुंची, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
बारात लेकर निकला तोमर परिवार अब अस्पतालों और पोस्टमार्टम रूम के बाहर अपनों का इंतजार करता नजर आया। जिस बस में शादी के गीत गूंज रहे थे, वही कुछ देर बाद दर्द और चीखों से भर गई।