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सिंहस्थ वॉलंटियर्स बनेंगे पुलिस और प्रशासन के बीच सशक्त सेतु.......नियुक्ति, प्रशिक्षण और प्रबंधन की एक्शन लाइन तैयार

  • उज्जैन में 26 जिलों के पुलिस अफसरों ने सिंहस्थ सुरक्षा सारथी योजना पर बनाई रणनीति
  • सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर उज्जैन में सामुदायिक पुलिसिंग कार्यशाला आयोजित
  • सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सिंहस्थ वालंटियर्स की होगी भर्ती, जिनके लिए की जाएंगी व्यवस्थाएं

उज्जैन। सिंहस्थ-2028 के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी और सुचारु बनाए रखने के लिए सामुदायिक पुलिसिंग के तहत सिंहस्थ वालंटियर्स की तैनाती होगी, जोकि पुलिस और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का काम करेंगे। इन वाालंटियर्स को प्रमाणपत्र और भोजन के साथ ही सिंहस्थ के दौरान ठहरने की भी व्यवस्था होगी।



यह निर्धारण बुधवार को मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में उज्जैन में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में दी गई। पुलिस मुख्यालय की सामुदायिक पुलिसिंग विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में पश्चिमी मध्यप्रदेश के 26 जिलों से आए सामुदायिक पुलिस नोडल अधिकारियों एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों ने सहभागिता की। कार्यशाला में सामुदायिक पुलिसिंग की कार्यप्रणाली, सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सुरक्षा को अधिक जनोन्मुखी बनाने तथा नवाचारों के क्रियान्वयन पर विस्तृत चर्चा की गई।



सिंहस्थ सुरक्षा सारथी के रुप में जनभागीदारी होगी

सिंहस्थ 2028 के दृष्टिगत नगर रक्षा समितियों के सुदृढ़ीकरण एवं उनके माध्यम से सिंहस्थ सुरक्षा सारथी के रूप में जनभागीदारी सुनिश्चित करने की रणनीति तैयार की गई। इस अवसर पर सिंहस्थ रक्षा साथी एवं सिंहस्थ वॉलंटियर्स की नियुक्ति एवं प्रशिक्षण के लिए विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई, जिसके अंतर्गत इन वॉलंटियर्स को प्रशासन एवं पुलिस के बीच सशक्त सेतु के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि बड़े धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।



सामुदायिक पुलिसिंग बनेगी सिंहस्थ में सुरक्षा मॉडल

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, उज्जैन जोन राकेश गुप्ता ने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग मध्यप्रदेश पुलिस की विशिष्ट पहचान है और इसे सिंहस्थ जैसे विशाल धार्मिक आयोजन में सुरक्षा के सशक्त मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने नगर रक्षा समितियों के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए कहा कि इनके माध्यम से पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।



वालंटियर्स चयन और तैयारी की योजना पर काम

पुलिस उप महानिरीक्षक सामुदायिक पुलिसिंग विनीत कपूर ने कहा कि वॉलंटियर्स को प्रोत्साहन स्वरूप मानदेय (स्टाइपेंड), आधिकारिक प्रमाण-पत्र तथा कार्यक्रम अवधि में आवास जैसी सुविधाएं प्रदान करने की योजना है। इस बारे में जल्द ही फायनल रुपरेखा तैयार हो जाएगी।
 


पुलिस अफसरो ने कहा-सामुदायिक पुलिस वक्त की जरुरत

पुलिस उप महानिरीक्षक उज्जैन नवनीत भसीन, पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत, कमांडेंट धर्मराज मीणा एवं श्रीमती मनीषा पाठक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने अपने उद्बोधनों में सामुदायिक सहभागिता आधारित पुलिसिंग की आवश्यकता एवं महत्व को रेखांकित किया।


प्रावधानों के प्रभावी कियान्वयन के लिए मार्गदर्शन

सहायक पुलिस महानिरीक्षक सामुदायिक पुलिसिंग अमृत मीणा द्वारा मध्यप्रदेश नगर रक्षा समिति अधिनियम, 1999 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी गई तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया।



नियुक्ति, प्रशिक्षण एवं प्रबंधन की कार्ययोजना प्रस्तुत

कार्यशाला में आगामी सिंहस्थ महापर्व के लिए सिंहस्थ रक्षा साथी एवं सिंहस्थ वॉलंटियर्स की नियुक्ति, प्रशिक्षण एवं प्रबंधन की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत की गई। इन वॉलंटियर्स को पुलिस एवं प्रशासन के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप मानदेय, आधिकारिक प्रमाण-पत्र एवं कार्यक्रम अवधि में आवास व्यवस्था उपलब्ध कराने के प्रावधानों पर भी विचार किया गया।

कार्यशाला में 26 जिलों की सहभागिता
 
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के 26 जिलों के नोडल अधिकारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यशाला में सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से अपराध नियंत्रण, बड़े आयोजनों में जन-भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ वॉलंटियर्स के बेहतर प्रबंधन और उनकी सुविधाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। अंत में सभी प्रतिभागियों ने इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी एवं प्रभावी बताया।

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