- स्कूल के चपरासी को 14 माह निलंबन के बाद बहाल होने पर जीवन निर्वाह भत्ता के 1 लाख 65 हजार रुपए मिलना है, जिसके बदले ब्लॉक के स्थापना शाखा के बाबू ने 32 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। बाद में मोलभाव करके 25 हजार रुपए लेने को तैयार हो गया। इसके बाद रिश्वत की पहली किश्त 10 हजार रुपए लेते आफिस में ही पकड़ा गया
सिवनी / जबलपुर। धनोरा ब्लॉक के सुनवारा सरकारी स्कूल के सस्पेंड भृत्य की बहाली के बाद उसको मिलने वाले जीवन निर्वाह भत्ते के करीब डेढ़ लाख रुपए के बदले 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए विकासखंड कार्यालय धनौरा के स्थापना शाखा के बाबू को गिरफ्तार किया गया है। रिश्वतखोर बाबू अपने कार्यालय में ही रिश्वत ले रहा था।

लोकायुक्त कार्यालय जबलपुर में की थी रिश्वत मांगने की शिकायत
रिश्वत मांगने की शिकायत जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा, विकासखंड धनोरा, जिला सिवनी के भृत्य देवेंद्र कुमार सिरसाम पिता लखन लाल सिरसाम, निवासी ग्राम छुई, तहसील व जिला सिवनी ने की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार वर्तमान पदस्थापना के पहले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़, विकासखंड छपारा में था, जहां उसको निलंबित कर दिया गया था। बाद में बहाल होने पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा, विकासखंड धनोरा में पोस्टिंग की गई। इसके बाद उसको 14 माह की निलंबन अवधि का जीवन निर्वाह भत्ता 1,65,000 रुपए मिलना है। इसी के बदले विकासखंड धनोरा के स्थापना शाखा के बाबू अरुण कुमार कुमरे ने 32 हजार रुपए की रिश्वत मांगी है। रिश्वत नहीं देने पर राशि को अटका रहा है।
32 हजार मांगे, 25 हजार पर तय किया, ट्रैप दल रवाना
रिश्वत मांगने की शिकायत की लोकायुक्त एसपी जबलपुर अंजू पटले ने सत्यापन करवाया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि आरोपी बाबू ने रिश्वत मांगी थी 32 हजार रुपए की, लेकिन बाद में मोल-भाव करके 25 हजार रुपए लेने पर तैयार हो गया। इसके बाद रिश्वत की पहली किश्त 10 हजार रुपए देनी थी। इस पर रिश्वतखोर बाबू को पकड़ने के लिए एसपी लोकायुक्त अंजू पटेल ने ट्रैप दल का गठन किया, जिसमें टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृज मोहन नरवरिया एवं लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल करके रवाना किया गया।
विकासखंड कार्यालय में ही बेखौफ रिश्वत लेते पकड़ा गया
लोकायुक्त टीम ने धनोरा पहुंचने के बाद विकासखंड कार्यालय की घेराबंदी कर ली। इसके बाद चपरासी देवेंद्र कुमार सिरसाम रिश्वत देने गया। तब आरोपी बाबू अरुण कुमार कुमरे के 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते ही लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी अरुण कुमार कुमरे सहायक ग्रेड-3 कार्यालय विकासखंड अधिकारी धनोरा, जिला सिवनी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन) 2018 की धारा-7, 12, 13 (1) इ, 13 (2) के अंतर्गत कार्रवाई की गई।
भ्रष्टाचार या रिश्वत मांगने की शिकायत करने की अपील
पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त कार्यवाही किए जाने के निर्देश एवं पुलिस उप महानिरीक्षक लोकायुक्त श्री मनोज सिंह के मार्गदर्शन में जबलपुर लोकायुक्त इकाई द्वारा लगातार भ्रष्टाचार के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। आमजन से अपील है कि कोई अधिकारी, कर्मचारी रिश्वत की मांग करे, तो कार्यालय एवं दूरभाष पर संपर्क कर सकते हैं।
कार्यालय पता -
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त,
सिविक सेंटर, जेडीए बिल्डिंग, थर्ड फ्लोर,
जबलपुर (मप्र)
मोबाइल नंबर 7999514544
दूरभाष नंबर 0761-2408599
0761-2408588