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सिंहस्थ-2028: रेलवे ब्रिजों की चौड़ाई और ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के साथ ही क्राउड मैनेजमेंट और सिक्योरिटी पर रहेगा जोर

  • सिंहस्थ-2028 के लिए रेलवे अधिकारियों के साथ मप्र पुलिस और प्रशासन की उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में बनी रणनीति
  • डीजी रेल उत्तरप्रदेश और डीजी आरपीएफ ने कुंभ के अनुभव के आधार पर सिंहस्थ की व्यवस्थाओं में सुधार के दिए निर्देश

भोपाल।
कुंभ में मिले सबक के आधार पर सिंहस्थ-2028 के सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन के लिए रेलवे स्टेशनों का इंफ्रास्ट्रक्चर बदलेगा, रेलवे ब्रिजों की चौड़ाई बढेÞगी, पार्किग और सिक्योरिटी के साथ ही रेलवे प्रबंधन, रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स, शासकीय रेल पुलिस और प्रशासन के बीच समन्वय के लिए कंट्रोलरुम रहेगा।



कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मप्र पुलिस, रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्च स्तरीय समन्वय बैठक में सिंहस्थ के दौरान संभावित अत्यधिक भीड़, यातायात प्रबंधन, रेल संचालन, सुरक्षा व्यवस्था तथा आधारभूत संरचना के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए विस्तृत योजना पर चर्चा की गई। महाकुंभ-2025, प्रयागराज के अनुभवों से सीख लेते हुए आधुनिक तकनीकों, बेहतर समन्वय एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने पर जोर दिया गया। सिंहस्थ में 30 करोड़

बैठक में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने उज्जैन, इंदौर, रतलाम, भोपाल के साथ-साथ ओंकारेश्वर रोड एवं सीहोर क्षेत्र के स्टेशनों में भी सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और विस्तार के तहत फुटओवर ब्रिज की चौड़ाई बढ़ाने, पर्याप्त संकेतक, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम एवं अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। भीड़ प्रबंधन के लिए संयुक्त कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए तथा शाही स्नान एवं अन्य प्रमुख अवसरों पर विशेष ट्रैफिक एवं भीड़ नियंत्रण योजना तैयार होगी।


 
उत्तरप्रदेश डीजी (रेल) प्रकाश डी. ने प्रयागराज महाकुंभ 2025 के अनुभव से कहा कि भीड़ का सटीक आकलन (क्राउड असेसमेंट) अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने 2013 की घटना सहित पूर्व घटनाओं से सीख लेते हुए मल्टी-लेवल क्राउड मैनेजमेंट, प्लेटफॉर्म सुरक्षा, पृथक एंट्री-एग्जिट, कलर कोडिंग, साइनएज, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था एवं होल्डिंग एरिया आधारित भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को अत्यंत प्रभावी बताया। उन्होंने इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर, रियल-टाइम मॉनिटरिंग, व्हाट्सएप/डिजिटल समन्वय एवं स्पेशल ट्रेनों के प्रबंधन पर बात की।



डीजी आरपीएफ सोनाली मिश्रा ने कहा कि वेस्टर्न, वेस्ट सेंट्रल एवं सेंट्रल रेलवे में समन्वय अत्यंत आवश्यक है। अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन, रेलवे बोर्ड स्तर पर सतत मॉनिटरिंग, संयुक्त प्रशिक्षण, एनडीआरएफ के साथ समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र एवं इंटेलिजेंस सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल दिया।

रतलाम मंडल रेल प्रबंधक अश्विनी कुमार ने बताया कि रेलवे द्वारा संभावित भीड़, यात्री आवागमन के समय एवं विभिन्न मार्गों के विश्लेषण के आधार पर योजना तैयार की जा रही है। आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर, इंटरकनेक्टिविटी एवं संचालन में लचीलापन के लिए कार्य किए जा रहे हैं। बैठक में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ए.साईं मनोहर, राजाबाबू सिंह, राकेश गुप्ता, कमिश्नर उज्जैन आशीष सिंह, कलेक्टर उज्जैन रोशन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक डॉ आशीष, उप पुलिस महानिरीक्षक नवनीत भसीन, तरूण नायक सहित उत्तरप्रदेश रेलवे, जीआरपी, आरपीएफ, पुलिस एवं प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
 

उज्जैन में प्रस्तावित व्यवस्थाओं पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण देते हुए पुलिस अधीक्षक उज्जैन प्रदीप शर्मा ने बताया कि सिंहस्थ-2028 का आयोजन 09 अप्रैल से 08 मई 2028 तक प्रस्तावित है, जिसमें लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना है। शाही स्नान के अवसरों पर एक ही दिन में लगभग 5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। लगभग 3100 हेक्टेयर क्षेत्र में मेला विकसित किया जा रहा है तथा घाटों का विस्तार लगभग 37 किलोमीटर तक किया जा रहा है। वैज्ञानिक आकलन के अनुसार एक किलोमीटर घाट पर निर्धारित समय में हजारों श्रद्धालुओं के स्नान की क्षमता विकसित कर बड़े स्तर पर भीड़ प्रबंधन की योजना बनाई गई है।

उन्होंने बताया कि विभिन्न स्रोतों के विश्लेषण के आधार पर इंदौर-देवास मार्ग से सर्वाधिक आवागमन तथा रेलवे के माध्यम से 2 से 2.5 करोड़ यात्रियों के आगमन की संभावना को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें नए फुट ओवर ब्रिज, सैटेलाइट स्टेशन विकास, त्रिस्तरीय पार्किंग, होल्डिंग एरिया, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, साइडिंग लाइन, जल आपूर्ति व्यवस्था एवं आॅप्टिकल फाइबर आधारित संचार तंत्र का निर्माण शामिल है।


ट्रेन संचालन के लिए विशेष रणनीति के तहत 2016 की तुलना में तीन गुना अधिक विशेष ट्रेनें संचालित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही पेंडुलम मूवमेंट आधारित शॉर्ट-डिस्टेंस मेला ट्रेनें, डायनेमिक टाइम टेबल, डबल-हेडेड ट्रेन संचालन, दिशा-आधारित प्लेटफॉर्म निर्धारण एवं लंबी दूरी की ट्रेनों का पूर्व नियोजित डायवर्जन सुनिश्चित किया जाएगा।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी प्रमुख स्टेशनों पर सीसीटीवी एवं एआई आधारित क्राउड मॉनिटरिंग सिस्टम, बैकअप पावर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, साइबर सुरक्षा, वेंडर मैनेजमेंट एवं एक्सेस कंट्रोल को सुदृढ़ किया जाएगा। साथ ही फढऋ-ॠफढ के संयुक्त प्रशिक्षण, मेडिकल टीमों की उपलब्धता एवं त्वरित प्रतिक्रिया दलों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में सभी अधिकारियों ने एकमत होकर कहा कि पूर्व अनुभवों, तकनीक के प्रभावी उपयोग, सुदृढ़ समन्वय एवं सतत मॉनिटरिंग के माध्यम से सिंहस्थ 2028 का आयोजन सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न किया जाएगा।