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ठेका श्रमिकों के लिए भारतीय मजदूर संघ ने संभाला मैदान, प्रदेशभर में प्रदर्शन के बाद सौंपे गए ज्ञापन

  •  ठेका (आउटसोर्स) श्रमिकों की मांगों को लेकर मध्य प्रदेश के सभी जिलों में BMS का प्रदर्शन
  • जीवन जीने की गारंटी के साथ ही नौकरी और वेतन के लिए सरकार को दिया अल्टीमेटम

भोपाल। मध्य प्रदेश के सभी जिलों में आज ठेका  (आउटसोर्स) श्रमिकों (Contract Workers) की विभिन्न समस्याओं को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। भारतीय मजदूर संघ (BMS) ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें मांगों को तुरंत हल करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया:                                                                                                                                                 


इसके तहत भोपाल में मार्च करके ज्ञापन सौंपने के बाद भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश मंत्री राजन नायर ने बताया कि ठेका श्रमिकों के वेतन और नौकरी की गारंटी नही है, क्योंकि ठेका श्रमिक होने से कभी भी सेवा समाप्त कर दी जाती है। इसी तरह वेतन भी नियमित नहीं मिलता। कटौती हो जाती है। इससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में हालात में भामसं ने तय किया है कि वेतन और नौकरी की गारंटी के लिए ठेका श्रमिकों की आवाज को बुलंद किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री से भी आग्रह किया गया है कि ठेका श्रमिकों की जायज मांगों की सुनवाई की जाए। 

  इसमें कुलदीप गुर्जर प्रदेश महामंत्री, प्रदेश मंत्री राजन नायर, मेघा दुबे संभाग प्रभारी,कमलेश नागपुर विभाग प्रमुख ,हीरा रनवे जिला अध्यक्ष भोपाल, रघुराज सिंह दांगी जिला मंत्री भोपाल, रविराज बघेल मीडिया प्रभारी, अचला मिश्रा कार्यकारिणी सदस्य, बेड़ीलाल श्यामकर,सर्वेश जोशी,उत्पल द्विवेदी,राकेश कॉल, फूलचंद,सुधीर वर्मा, हेमराज बागवान, राजेश नागल, सोनू डावर,मनोज सिंह,सुनील पाराशर, मुकेश विश्वकर्मा, शिवराम बघेल  देशराज पटेल, शुभम, नवीन, सुधीर वर्मा आदि थे।                                                                                                   

                                              

यह हैं आउटसोर्स कर्मियों की प्रमुख मांगें

  •  वेतन वृद्धि: अनुबंध श्रमिकों के वेतन में उचित बढ़ोतरी की जाए। समान काम के लिए समान वेतन देना चाहिए 
  •  कार्य समय: कार्य अवधि को कड़ाई से 8 घंटे तक सीमित किया जाए।
  •  नौकरी की सुरक्षा: सेवा में स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
  •  सामाजिक सुरक्षा: सभी श्रमिकों को ESI और EPF का लाभ प्रदान किया जाए।
  •  शोषण पर रोक: ठेकेदारों द्वारा श्रमिकों के पैसों की अवैध वसूली और शोषण को तत्काल रोका जाए।
  • राज्य के सभी जिलों में आयोजित इस विरोध प्रदर्शन में हजारों की संख्या में श्रमिकों ने भाग लिया।