
उन्होंने कहा कि इस निर्णय से प्रदेश के आदिवासी जिलों में कार्य प्रभावित होंगे। पत्र में उल्लेख किया गया है कि माननीय शिवराज सिंह चौहान सरकार के दौरान प्रेरकों की नियुक्ति हुई थी तथा 15 नवम्बर 2022 को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा इसका औपचारिक शुभारंभ किया गया था।
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि पेसा एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन एवं लगभग 5000 प्रेरकों के हित को ध्यान में रखते हुए उनकी सेवाएं निरन्तर जारी रखने के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाए।
इस मामले को लेकर श्री सिंघार ने एक वीडियो जारी कर कहा कि प्रदेश सरकार ने एक झटके में हजारों मोबिलाइज़र्स की नौकरियां खत्म कर दीं।
यही मोबिलाइज़र्स गांव-गांव, घर-घर जाकर सरकार की छोटी-छोटी योजनाओं के फॉर्म भरते थे, आज वही लोग सरकार की बेरुखी का शिकार हो गए हैं।
किसी ने घर चलाने के लिए कर्ज लिया होगा, किसी ने बच्चों की पढ़ाई और परिवार के भविष्य के सपने देखे होंगे… लेकिन भाजपा सरकार ने बिना संवेदनशीलता, बिना विकल्प और बिना भविष्य की चिंता किए हजारों परिवारों को संकट में धकेल दिया।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार इनकी जगह RSS से जुड़े लोगों की भर्ती करना चाहती है?
क्या मुख्यमंत्री जी जवाब देंगे कि इन मोबिलाइज़र्स को वापस लिया जाएगा या नहीं?
भाजपा के लिए ये सिर्फ आंकड़े होंगे, लेकिन हजारों परिवारों के लिए यह फैसला जिंदगी उजाड़ देने वाला है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या सरकार इनकी जगह RSS से जुड़े लोगों की भर्ती करना चाहती है?
क्या मुख्यमंत्री जी जवाब देंगे कि इन मोबिलाइज़र्स को वापस लिया जाएगा या नहीं?
भाजपा के लिए ये सिर्फ आंकड़े होंगे, लेकिन हजारों परिवारों के लिए यह फैसला जिंदगी उजाड़ देने वाला है।