- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा है कि उधर नकली खाद कारोबार तेजी से फ़ैल रहा है और किसानों को लूटा जा रहा है
भोपाल l प्रदेश के किसान सिर्फ मानसून के लेट होने से ही परेशान नहीं हैं, बल्कि भाजपा की डॉ मोहन यादव सरकार की कालाबाज़रियों और नकली खाद बीज के कारोबारियों से भी परेशान हैं l यह लूट बड़े पैमाने पर शुरू हो चुकी है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव जसविंदर सिंह ने कहा है कि खरीफ की फसल की बोवनी नजदीक आते ही किसानों की धडकने तेज हो रही हैं, मगर अमरीका -इरान युद्ध का बहाना बनाकर भाजपा की केंद्र और राज्य सरकार ने डी ए पी और अन्य खादों की व्यवस्था करने से पल्ला झाड़ लिया है l उधर नकली खाद कारोबार तेजी से फ़ैल रहा है और किसानों को लूटा जा रहा है l
माकपा नेता ने कहा है कि प्रदेश सरकार के किसान विरोधी नीतियों का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अभी तक सरकार के पास खरीफ की फसल को लेकर कोई योजना ही नहीं है l इसलिए सरकार या कृषि विभाग यह बताने की स्थिति में ही नहीं है कि खरीफ की फसल के लिए कुल कितने रकबे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और किस फसल के लिए कितने रकबे में बुवाई का लक्ष्य है l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि ज़ब फ़सल का ही लक्ष्य निर्धारित नहीं है, तब इसके लिए कौन कौन सी और कितनी कितनी खाद चाहिए, इसकी जानकारी भी सरकार को नहीं है l
माकपा नेता ने कहा है कि यही वजह है कि सरकार के पास खाद और बीज को लेकर न कोई योजना है और न ही संकट से निबटने का कोई प्लान है l लिहाजा किसान बुरी तरह से लूटे जा रहे हैं l बाजार में यूरिया, डी ए पी, एन पी के से मिलते जुलते नामों से नकली खाद किसानों को कालाबाजारी में मिल रही है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने किसानों की लूट रोकने, नकली खाद के कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही करने और किसानों को समुचित खाद बीज उपलब्ध करवाने की मांग की है l
माकपा नेता ने कहा है कि प्रदेश सरकार के किसान विरोधी नीतियों का सबसे बड़ा प्रमाण यह है कि अभी तक सरकार के पास खरीफ की फसल को लेकर कोई योजना ही नहीं है l इसलिए सरकार या कृषि विभाग यह बताने की स्थिति में ही नहीं है कि खरीफ की फसल के लिए कुल कितने रकबे का लक्ष्य निर्धारित किया गया है और किस फसल के लिए कितने रकबे में बुवाई का लक्ष्य है l
जसविंदर सिंह ने कहा है कि ज़ब फ़सल का ही लक्ष्य निर्धारित नहीं है, तब इसके लिए कौन कौन सी और कितनी कितनी खाद चाहिए, इसकी जानकारी भी सरकार को नहीं है l
माकपा नेता ने कहा है कि यही वजह है कि सरकार के पास खाद और बीज को लेकर न कोई योजना है और न ही संकट से निबटने का कोई प्लान है l लिहाजा किसान बुरी तरह से लूटे जा रहे हैं l बाजार में यूरिया, डी ए पी, एन पी के से मिलते जुलते नामों से नकली खाद किसानों को कालाबाजारी में मिल रही है l
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने किसानों की लूट रोकने, नकली खाद के कारोबारियों के खिलाफ कार्यवाही करने और किसानों को समुचित खाद बीज उपलब्ध करवाने की मांग की है l
