- भारत में डिजाइन से लेकर निर्माण और परीक्षण तक की पूरी क्षमता विकसित करने की तैयारी
- एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की संभावना भी तलाशेंगे दोनों समूह
दोनों कंपनियां भारत में एक डेडिकेटेड एयरोस्पेस गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स बनाने की संभावना भी तलाशेंगी। इसे पावर और प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित साझेदारी का लक्ष्य AMCA के लिए इंजन के संयुक्त विकास में रोल्स-रॉयस की उन्नत इंजन टेक्नोलॉजी और रिलायंस की मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी और बड़े पैमाने पर काम करने की क्षमता को साथ लाना है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अनंत अंबानी ने कहा कि महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में अपनी क्षमता भारत की रणनीतिक स्वायत्तता के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि रोल्स-रॉयस की एडवांस्ड प्रोपल्शन विशेषज्ञता और रिलायंस की टेक्नोलॉजी तथा मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को जोड़कर भारत में स्वदेशी एयरो-इंजन इकोसिस्टम तैयार करने का लक्ष्य है। इससे देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ भविष्य में एडवांस्ड प्रोपल्शन टेक्नोलॉजी में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में भी मदद मिल सकती है।
रोल्स-रॉयस के CEO तुफान एर्गिनबिलगिच ने इसे भारत में मजबूत और आत्मनिर्भर एयरोस्पेस इकोसिस्टम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा कि रोल्स-रॉयस की करीब एक सदी की इंजीनियरिंग और इंजन विशेषज्ञता को रिलायंस की भारतीय औद्योगिक क्षमता के साथ जोड़ा जाएगा।
प्रस्तावित एयरो गैस टर्बाइन कॉम्प्लेक्स में डिजाइन, विकास, मैन्युफैक्चरिंग, टेस्टिंग, उत्पादन और पूरे लाइफसाइकल के दौरान इंजन सपोर्ट जैसी क्षमताएं भारत में विकसित करने का लक्ष्य है। दोनों कंपनियां आगे रक्षा, सिविल एयरोस्पेस और नई पावर एवं प्रोपल्शन प्रणालियों में भी सहयोग की संभावनाएं तलाश सकती हैं।