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सागर विश्वविद्यालय के प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत जीवाजी विश्वविद्यालय ग्वालियर में नए कुलगुरु नियुक्त

* डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के वरिष्ठ समाजशास्त्री एवं प्रोफेसर को मिली प्रदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की कमान

* साधारण किसान परिवार से निकलकर अपनी शैक्षणिक प्रतिभा व कुशल प्रशासनिक क्षमता के बल पर हासिल किया यह मुकाम

सागर। देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद और डॉ. हरीसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग के प्रोफेसर डॉ दिवाकर सिंह राजपूत को मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित जीवाजी विश्वविद्यालय का नया कुलगुरु (कुलपति) नियुक्त किया गया है। उनकी इस गरिमामयी उपलब्धि की खबर आते ही डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय परिवार सहित पूरे सागर शहर में खुशी और गौरव की लहर दौड़ गई है।


उनकी इस ऐतिहासिक सफलता पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनकी शैक्षणिक यात्रा से घनिष्ठ रूप से जुड़े रहे डॉ. संदीप सबलोक ने बताया कि एक बेहद साधारण किसान परिवार से आने वाले डॉ. राजपूत ने अपनी प्रतिभा और लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने अपनी संपूर्ण उच्च शिक्षा डॉ. हरीसिंह गौर विश्वविद्यालय के छात्रावास में रहकर एक मेधावी छात्र के रूप में पूरी की। इसके बाद इसी विश्वविद्यालय में व्याख्याता (लेक्चरर) के रूप में अपने करियर की शुरुआत करते हुए वह प्रोफेसर के पद तक पहुंचे और इस दौरान अनेक महत्वपूर्ण शैक्षणिक व प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बेहद कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत का शैक्षणिक एवं प्रशासनिक अनुभव अत्यंत व्यापक और प्रेरणादायी रहा है। वह सागर विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान संकाय के डीन और विश्वविद्यालय के अकादमिक मामलों के निदेशक (डोआ) जैसे शीर्ष पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की पहल पर गठित 'विश्वविद्यालय बौद्धिक विरासत प्रकोष्ठ' और विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठित 'गौर पीठ' के मुख्य समन्वयक के रूप में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को समझते हुए उन्होंने 'सेंटर ऑफ फॉस्टिरंग सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटीज एंड कम्युनिटी एंगेजमेंट्स' के निदेशक पद का भी दायित्व संभाला।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं में भी उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। वर्तमान में वह इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिमिनोलॉजी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व आजीवन सदस्य हैं, साथ ही इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (IIPA) मध्य प्रदेश शाखा की कार्यकारी परिषद के सदस्य के रूप में कार्यरत हैं। सामाजिक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहते हुए उन्होंने वर्ष 2005-06 में रोटरी क्लब सागर के अध्यक्ष के रूप में भी अनुकरणीय सेवाएं दीं।

शिक्षा और शोध के प्रति उनका समर्पण केवल पद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने अपने पूज्य पिता स्व. श्री कैलाश सिंह राजपूत की स्मृति में अपराध शास्त्र विषय में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के लिए विश्वविद्यालय में हर वर्ष एक 'स्वर्ण पदक' देने की स्थाई स्थापना भी की है।

प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत की इस प्रतिष्ठित नियुक्ति पर नगर के शिक्षाविदों, समाजसेवियों, शोधार्थियों और गणमान्य नागरिकों ने उन्हें हार्दिक बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि उनके कुशल नेतृत्व में जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर शैक्षणिक उत्कृष्टता के नए कीर्तिमान स्थापित करेगा।