कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद नगरपालिका सीएमओ द्वारा शहर में आवारा मवेशियों की धरपकड़ का अभियान चलाया जा रहा है। मवेशियों से राहगीरों सहित वाहन चालकों को परेशान होना पड रहा था। कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद भी मवेशियों को पालने वाले पशुपालक पशुओं को बांधकर रखने की बजाय उन्हें लापरवाहीपूर्ण तरीके से खुला छोड़ देते है, जोकि चरते हुए मुख्य बाजारों और कालोनियों तक पहुंच जाते है।
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| नगर पालिका द्वारा पकडे गये मवेशी |
पशु पालकों की लापरवाही यातायात पर पड़ रही भारी
नपा ने मंगलवार-बुधवार को अभियान चलाकर करीब 20 मवेशियों को पकडा। जिन्हें नपा कार्यालय के पीछे रखा गया। बताया गया कि एसडीएम के निर्देश मिलते ही पकडे गये मवेशियों को भूरा डाबरा भेजा जाएगा।
लापरवाह पशु पालकों पर हो कार्रवाई
इस मामले में पशु मालिकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना चाहिए। वह अपने गायों से दूध निकालने के बाद उन्हें बांधकर उनकी देखरेख करने की बजाय खुला छोड़ देते है। इस संबंध में कलेक्टर द्वारा पिछले कुछ माह पूर्व ऐसे लापरवाह पशु मालिकों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने के निर्देश नपा को दिए गए थे, लेकिन पशु मालिकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नही की है।
झाबुआ में है कांजी हाउस की कमी
नगर में कांजी हाउस की कमी लंबे समय से है, लेकिन अब तक नवीन कांजी हाउस का निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। वर्तमान में पावर हाउस रोड़ पर जो कांजी हाउस है, वह जीर्ण-शीर्ण होने के साथ ही गंदगी से पटा पड़ा है। नतीजे में वहां पशुओं को नहीं रखा जा सकता है।
