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फार्मासिस्टों ने काला फीता बांधकर किया विरोध प्रदर्शन

डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय आवाहन पर मांगों को लेकर आंदोलन शुरू  

शाहजहांपुर। 

डिप्लोमा फार्मेसिस्ट एसोसिएशन के प्रांतीय आवाहन पर सात सूत्रीय मांगों को लेकर फार्मासिस्टों ने सोमवार से विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन की इस कड़ी में 8 अप्रैल को फार्मासिस्ट स्वास्थ्य महानिदेशालय लखनऊ में विशाल धरना प्रदर्शन करेगी और इसके अगले दिन से अनिश्चित कालीन हड़ताल की घोषणा करेंगे।

फार्मासिस्टों ने काला फीता बांधकर किया विरोध प्रदर्शन
फार्मासिस्टों की मांग है कि वेतन विसंगतियों का निराकरण किया जाए। वेतन विसंगतियों का लाभ 1 जनवरी 2006 से दिया जाए। संवर्ग का पुनर्गठन एवं मानक के अनुसार पदों का सृजन किया जाए। उप स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्टों के पद सृजित किए जाए। राजपत्रित अवकाशों में काम के बदले एक माह का अतिरिक्त वेतन दिया जाए। रिक्त एवं प्रोन्नति के पदों को तत्काल भरा जाए। केंद्र द्वारा वित्त पोषित सभी योजनाओं में फार्मासिस्ट का पद अनिवार्य रूप से सृजित कर नियुक्तियां की जाएं। इन मांगों को लेकर प्रांतीय आवाहन पर आज फार्मासिस्टों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रांतीय आवाहन पर 23 फरबरी को दो घंटा अपरान्ह दो बजे से चार बजे तक फार्मासिस्ट अतिरिक्त कार्य कर ध्यान आकर्षित कराएंगे। 9 मार्च से 13 मार्च तक सुबह आठ बजे से सुबह 10 बजे तक कार्य बहिष्कार किया जाएगा। 8 अप्रैल को लखनऊ में धरना प्रदर्शन होगा।

आज एसोसिएशन के अध्यक्ष डा.जेडी बंसल, मंडलीय महासचिव डा.अजय नागर, महामंत्री डा.सुभाष कनौजिया, डा.सुरेश कुमार, डा.राजेंद्र प्रसाद, डा.सीके वर्मा, डा.शकील अहमद, डा.ओएस कनौजिया, डा.लईक, डा.मोहम्मद अली, डा.रामविलास व डा.शैलेंद्र आदि ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया।