सुपर कॉरिडोर पर मंगलवार शाम कार में खुद को गोली मारने वाले सिलाई मशीन कारोबारी की पीट से बुधवार को डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर गोली निकाली। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। उधर, पूरे घटनाक्रम में कारोबारी के परिजनों द्वारा झूठी सूचना देकर गुमराह करने के मामले में पुलिस अब उन पर कार्रवाई की तैयारी में है।
डीआईजी हरिनारायणचारी मिश्र ने बताया कि विनय नगर निवासी सिलाई मशीन कारोबारी जीतू उर्फ जितेंद्र पिता रवि तौलानी (37) को परिजन मंगलवार शाम को गंभीर हालत में निजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे थे। घटना के बाद परिजन पहले जीतू को उसकी फैक्ट्री ले गए। ढ़ाई घंटे बाद वे उसे हॉस्पिटल में भर्ती करवाने लाए।
परिजन ने डॉक्टरों को बताया कि जीतू अपनी कार से फैक्ट्री आ रहा था, तभी सुपर कॉरिडोर पर उसे बाइक से आए दो बदमाशों ने गोली मार दी। इसकी सूचना हॉस्पिटल प्रबंधन ने पुलिस को दी तो एसपी मोहम्मद युसुफ कुरैशी, एएसपी प्रशांत चौबे और एएसपी जीपी पाराशर, सीएसपी अखिलेश रेनवाल और एफएसएल अधिकारी बी एल मंडलोई मौके पर पहुंचे।
घटनास्थल पर प्रथम दृष्टा मामला किसी और के द्वारा गोली न चलाने का प्रतीत हुआ। इसके बाद अधिकारियों ने घायल के हाथ पर गन पावडर (जीआरएस) चेक किया तो वह मैच हो गया। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि गोली किसी और ने नहीं, बल्कि उसी ने खुद सीने अपने पर मारी है। हालांकि अभी कारोबारी जीतू बयान देने की स्थिति में नहीं है, लेकिन पुलिस ने झूठी सूचना देने वाले उसके चाचा हरीश तौलानी और उनके साथी दिलीप सेंगर को पूछताछ के लिए बुलाया है।
चाचा व साथी ने गन गायब की और झूठे बयान दिए : गांधी नगर टीआई नीता देअरवाल ने बताया कि घटना के बाद घायल हालत में जीतू ने ही गोली मारने की सूचना अपने पिता रवि तौलानी को दी थी, लेकिन उन्होंने मौके पर अपने भाई हरीश तौलानी को भेज दिया था। हरीश ने अस्पताल से सूचना जाने के बाद पुलिस को बताया कि जीतू को कोई दो बाइक सवार हमलावर गोली मारकर भागे हैं। इस पर पुलिस ने पूरे इलाके में नाकेबंदी कर जांच शुरू कर दी थी, लेकिन एफएसएल रिपोर्ट के बाद खुद को गोली मारने की बात सामने आई तो पुलिस ने परिवार के लोगों के अलग-अलग बयान दिए। सभी के बयानों में विरोधाभास सामने आया, जिससे पुलिस को घटना पर संदेह हो रहा है।
पुलिस का कहना है कि आत्महत्या करने के पीछे कोई ठोस कारण पता नहीं चला है, लेकिन पारिवारिक कलह में ही जीतू द्वारा खुद को गोली मारने की बात अभी पता चल रही है। अभी परिवार वाले सभी अलग-अलग बयान दे रहे हैं। वहीं घटना स्थल से पिस्टल भी गायब है और कार की सीट पर खून का एक धब्बा भी नहीं मिला है। ऐसा लगता है परिवार वालों ने साक्ष्य मिटाने के भी प्रयास किए हैं।
