भोपाल। संचालक, राज्य शिक्षा केन्द्र की सुश्री आईरीन सिंथिया जे.पी. ने कहा है कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) सत्र 2019-20 के अंतर्गत निजी विद्यालयों में नि:शुल्क प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों की व्यक्तिगत जानकारी एजुकेशन पोर्टल पर सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी न तो आम नागरिक देख सकते हैं ना ही ये जानकारियाँ पब्लिक पोर्टल पर उपलब्ध करायी गयी हैं।
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा बच्चों के डाटा कलेक्शन से लेकर संधारण तक की पूरी प्रक्रिया एनआईसी के सर्वर से संचालित होती है, जो कि पूर्णत: गोपनीय है। पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी को राज्य शिक्षा केन्द्र भी अपने पासवर्ड से नहीं देख सकता। यह जानकारी मात्र एनआईसी के संबंधित प्रोग्रामर एवं आवश्यकतानुसार संबंधित बीआरसीसी ही अपने लॉग इन पासवर्ड से देख सकते हैं।
इस वर्ष से प्रवेशित बच्चे द्वारा आवंटित स्कूल में प्रवेश लेते ही स्कूल द्वारा मोबाइल एप द्वारा आवंटन पत्र में अंकित क्यूआर कोड स्केन कर बच्चे की फोटो अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था से बच्चे द्वारा प्रवेश लेने की ऑनलाईन रिपोर्टिंग ऑनटाइम हो रही है। वस्तुत: बच्चे का अथवा पालक का मोबाइल नम्बर, पता, समग्र आईडी एवं आधार नम्बर पोर्टल में पब्लिक डोमेन पर प्रदर्शित नहीं है। ये पूरी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णत: सुरक्षित एवं गोपनीय है।
राज्य शिक्षा केन्द्र द्वारा बच्चों के डाटा कलेक्शन से लेकर संधारण तक की पूरी प्रक्रिया एनआईसी के सर्वर से संचालित होती है, जो कि पूर्णत: गोपनीय है। पोर्टल पर अपलोड की गई जानकारी को राज्य शिक्षा केन्द्र भी अपने पासवर्ड से नहीं देख सकता। यह जानकारी मात्र एनआईसी के संबंधित प्रोग्रामर एवं आवश्यकतानुसार संबंधित बीआरसीसी ही अपने लॉग इन पासवर्ड से देख सकते हैं।
इस वर्ष से प्रवेशित बच्चे द्वारा आवंटित स्कूल में प्रवेश लेते ही स्कूल द्वारा मोबाइल एप द्वारा आवंटन पत्र में अंकित क्यूआर कोड स्केन कर बच्चे की फोटो अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई है। इस व्यवस्था से बच्चे द्वारा प्रवेश लेने की ऑनलाईन रिपोर्टिंग ऑनटाइम हो रही है। वस्तुत: बच्चे का अथवा पालक का मोबाइल नम्बर, पता, समग्र आईडी एवं आधार नम्बर पोर्टल में पब्लिक डोमेन पर प्रदर्शित नहीं है। ये पूरी व्यक्तिगत जानकारी पूर्णत: सुरक्षित एवं गोपनीय है।