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पाक में आतंकियों की मौजूदगी के इमरान के कबूलनामें के बाद भारत ने कहा- अब उन पर कार्रवाई करें

नई दिल्ली। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में अमेरिका दौरे पर माना था कि पाक में आतंकी मौजूद हैं। इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अब जब इमरान ने पाक मे आतंकी और उनके ट्रेनिंग कैंप्स की मौजूदगी की जानकारी है और वे यह भी जानते हैं कि आतंकियों को वहां से प्रशिक्षित कर के कश्मीर भेजा जाता है तो उन्हें इन टेरर कैंप्स पर भरोसेमंद कार्रवाई करनी चाहिए।

दरअसल, इमरान ने अमेरिका के कैपिटल हिल में अपने स्वागत में रखे गए एक रिसेप्शन में कहा था कि पाक में 40 से ज्यादा आतंकी संगठन सक्रिय हैं। पाकिस्तान के अंदर 30 से 40 हजार आतंकी मौजूद हैं। इनमें से कुछ प्रशिक्षित आतंकी कश्मीर और अफगान में लड़ रहे हैं। लेकिन पिछले 15 सालों में पाक सरकारों ने यह बात अमेरिका से छिपाई।

इस पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि आतंकियों को पनाह देने पर यह पाक नेतृत्व का स्पष्ट कबूलनामा है। यही समय है जब पाक को अपने नियंत्रण वाले इलाके में आतंकियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
उम्मीद है कुलभूषण को जल्द मिलेगा कॉन्स्युलर एक्सेस
विदेश मंत्रालय ने जासूसी के आरोपों पर पाक जेल में बंद भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को भी जल्द कॉन्स्युलर एक्सेस मिलने की उम्मीद जताई। प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि कुलभूषण जाधव को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के फैसले के तहत जल्द से जल्द राजनायिक पहुंच दी जानी चाहिए। हम इस मामले में पाकिस्तानी अफसरों से संपर्क में हैं। जैसे ही इस मामले में कोई नई बात पता चलेगी हम उसे साझा करेंगे।

आईसीजे के 16 जजों ने 15-1 के बहुमत से कुलभूषण की फांसी की सजा निलंबित कर दी थी। कोर्ट के अध्यक्ष जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने कहा था कि जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से फैसले की समीक्षा और उस पर पुनर्विचार नहीं कर लेता, फांसी पर रोक जारी रहेगी।
आईसीजे ने कहा था- पाक ने विएना संधि का उल्लंघन किया
1. कोर्ट के अध्यक्ष सोमालिया के जस्टिस अब्दुलकावी अहमद यूसुफ ने फैसला पढ़ा। उन्होंने 42 पन्नों के फैसले में कहा कि पाकिस्तान जब तक पाकिस्तान प्रभावी ढंग से अपने फैसले की समीक्षा और पुनर्विचार नहीं कर लेता है, तब तक कुलभूषण की फांसी पर रोक रहेगी।

2. आईसीजे ने कहा- पाकिस्तान ने कुलभूषण के साथ भारत की बातचीत और कॉन्स्यूलर एक्सेस के अधिकार को दरकिनार किया। पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण के लिए कानूनी प्रतिनिधि मुहैया कराने का मौका नहीं दिया। पाक ने विएना संधि के तहत कॉन्स्यूलर रिलेशन नियमों का उल्लंघन किया।

3. जजों ने कहा- पाकिस्तान ने भारत को कुलभूषण जाधव के साथ बातचीत और मुलाकात के अधिकार से वंचित रखा। भारत ने कई बार कॉन्स्यूलर एक्सेस के लिए अपील की, जिस पाकिस्तान ने ठुकरा दिया। यह एक निर्विवाद तथ्य है कि पाकिस्तान ने भारत की अपील नहीं मानी।

4. "पाकिस्तान विएना संधि के तहत कुलभूषण की गिरफ्तारी और उसके कारावास के संबंध में भारत को जानकारी देने के लिए बाध्य था। पाकिस्तान ने जाधव की गिरफ्तारी की जानकारी देने में तीन हफ्ते की देरी कर दी, यह भी विएना संधि की शर्तों का उल्लंघन है। पाकिस्तान यह नहीं स्पष्ट कर पाया कि कथित तौर पर भारत की किसी गड़बड़ी की वजह से उसने खुद को संधि की शर्तों को पूरा करने से खुद को रोक लिया।'

5. अंतरराष्ट्रीय कानूनी सलाहकार रीमा ओमेर ने कहा- कोर्ट ने यह भी कहा कि पाकिस्तान आर्टिकल 36(1) यानी कॉन्स्यूलर एक्सेस दिए जाने के उल्लंघन के संदर्भ में अपने फैसले पर पुनर्विचार करे।
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