- भोपाल के ईरानी डेरा में पहली बार पुलिस के जन संवाद में उमड़ी भीड़
- ईरानी बस्ती में पुलिस ने किया मार्च और मौके पर ही दी गई समझाइश
- जुर्म से दूर करके बच्चों को पढ़ाने और अच्छा बनने की ली गई शपथ
भोपाल। यह पहली बार हुआ है जब जरायम के लिए कुख्याल ईरानी डेरा में पुलिस ने जनसंवाद करके आमने-सामने बात की और अपराध से दूर रहने पर सहमत करके यह शपथ भी दिलाई कि आगे से बच्चों को पढ़ाएंगे और जरायम से दूर रहेंगे। पुलिस बल ने इसके साथ ही पूरी ईरानी बस्ती का भ्रमण भी किया और विश्वास बहाली की दिशा में तालमेल कायम किया।

दरअसल ईरानी डेरे में शिया मस्जिद के पास बनी पुलिस चौकी में शुक्रवार शाम को डिप्टी कमिश्नर आफ पुलिस जोन-4 मयूर खंडेलवाल के साथ एडीशनल डीसीपी मलकीत सिंह बरार, एसीपी अक्षय चौधरी और निशातपुरा टीआई मनोज पटवा पहुंचे। यहां पर जनसंवाद किया गया, जिसमें सैकडों की तादाद में ईरानी महिलाएं और मर्द शामिल हुए। आलम यह था कि आसपास के मकानों की छतों तक पर भीड़ जमा थी। ताकि साफ हो सके कि आखिर पुलिस टीम और ईरानी जमात के बीच क्या बातचीत हो रही है। पुलिस अफसरों ने बाद में ईरानी बस्ती की गलियों में मार्च भी किया।

अपराधियों की सूचना देंगे, लेकिन पनाह नहीं देंगे
पुलिस अफसरों की समझाइश के बाद ईरानी जमात ने जरायम से दूर रहने और जरायम में शामिल नहीं होने की कसम खाई। साथ ही इस पर सहमति जताई कि अपराधियों को पनाह नहीं देंगे और अपराधियों के बारे में सूचना देंगे। इसके लिए पांच लोगों को नामित किया गया है। इस मौके पर कई लोगों ने काला ईरानी का जिक्र करते हुए गिरफ्तारी नहीं होने और वाटसऐप चैटिंग से ईरानी डेरे वालों को धमकाने, गालियां देने, ऊपर तक पहुंच होने का दावा करने के साथ ही भोपाल में ही घूमने की शिकाय की। ईरानी डेरा में काला ईरानी और उसकी तस्कर बहन के खिलाफ तमाम बातें बताई गर्इं। इस पर पुलिस अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कोई भी कितना बड़ा क्यों ना हो, बचेगा नहीं और सख्त कार्रवाई होगी।
विश्वास कायम करके अपराधों पर रोक लगाने की कोशिश
ईरानी डेरा में सभी को बुलाया जाकर जनसंवाद में अपराध की दुनिया में जाने के नतीजों के बारे में बताया जाकर अच्छा नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही शपथ भी दिलाई गई, ताकि आगे से कोई अपराध नहीं करेंगे और जो अपराधी हैं उनकी सूचना पुलिस को देंगे, जिसके लिए पांच लोगों को नामित किया गया है। कोशिश है कि अपराध से पहचाने जाने वाले ईरानियों को अपराध से दूर किया जा सके।
-मयूर खंडेलवाल, डीसीपी, जोन-4, भोपाल पुलिस कमिश्नरेट
काला ईरानी और राजू ईरानी के परिवारों में टकराव
कुख्यात माफिया सरगना काला ईरानी उर्फ नजफ अली और उसकी बहन लेडी डान रेशमा के बीच राजू उर्फ आबिद ईरानी पुरानी अदावत है। इसके चलते राजू ईरानी को बीते दिनों मीडिया में जबर्दस्त हाईलाइट करवाया गया और ईरानी डेरा को फिल्म धुरंधर की तर्ज पर लियारी बताते हुए राजू ईरानी को रहमान डकैत की तरह राजू डकैत बताकर प्रचारित किया गया था। कहा जा रहा है कि इसके लिए सोशल मीडिया में फीडिंग और फंडिंग की गई। इसके उलट काला ईरानी को राजस्थान, महाराष्ट्र सहित करीब आधा दर्जन राज्यों में डकैती, लूट, ठगी की वारदातों में पुलिस को तलाश है। फिलहाल राजू ईरानी मुंबई पुलिस की गिरफ्त में है तो काला ईरानी बीते दिनों मारपीट के मामले में भोपाल कोर्ट में पेश होकर जमानत करवाने के बाद से ही गायब है। पुलिस का दावा है कि ड्रग्स तस्करी के आधा दर्जन मामलों में तलाश है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस सूत्रों के अनुसार काला ईरानी मोबाइल पर बात नहीं करता, लेकिन वाटसऐप चैट के जरिए धमकाने के साथ ही अपने धंधे चला रहा है।
पुलिस के जनसंवाद के पहले फिर हुई दोनों परिवारों में भिड़ंत
सूत्रों के अनुसार शुक्रवार शाम को राजू ईरानी और काला ईरानी परिवारों के बीच फिर से टकराव हो गया। इसमे काला ईरानी के लड़के गोलू उर्फ अबरार के धमकाने के बाद राजू ईरानी की पत्नी और बेटे ने विरोध किया, जिस पर गोलू ने हमला कर दिया। इसमें राजू ईरानी की पत्नी के हाथ में चोट आने के बाद निशातपुरा थाने में रिपोर्ट कराने पहुंची थी। तभी गोलू उर्फ अबरार के साथ ही काला ईरानी की बहन रेशमा लेकर थाने पहुंच गई और काउंटर एफआईआर की कोशिश की। इस पर पुलिस ने दोनों पक्षों से आवेदन लेकर जांच शुरु कर दी है। ज्ञात हो कि गोलू उर्फ अबरार के खिलाफ हनुमानगंज थाने में छुरीबाजी का मामला दर्ज होने के साथ ही कई मामले हैं।
