भोपाल। प्रदेश में सीजन की अब तक की सामान्य बारिश का कोटा 443.9 मिमी है, लेकिन जुलाई का यह कोटा अगस्त के पहले दिन ही पूरा हो चुका है। अब तक 441.6 मिमी पानी बरस चुका है और निमाड़, नर्मदापुरम समेत कुछेक संभागों में नदी-नाले उफान पर हैं। इतनी बारिश के बावजूद एक अगस्त तक प्रदेश के ज्यादातर बड़े बांध फुल टैंक नहीं हो पाए हैं।
राज्य में छोटे-बड़े 220 डैम हैं। इनमें से कई को गेट खुलने का इंतजार है। कुछ डैम ऐसे भी हैं जिनमें कुल क्षमता का 10% से भी कम पानी है, जबकि कुछेक 7 से 10 फीट तक खाली पड़े हुए हैं। अब तक पूर्वी मप्र में सामान्य से 17% कम और पश्चिमी मप्र में सामान्य से 16% अधिक बारिश हुई है। इस समय प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल सिस्टम सक्रिय है। ऐसे में अक्टूबर तक सीजन पूरा होने तक इनके लबालब होने की संभावना है।
राज्य में छोटे-बड़े 220 डैम हैं। इनमें से कई को गेट खुलने का इंतजार है। कुछ डैम ऐसे भी हैं जिनमें कुल क्षमता का 10% से भी कम पानी है, जबकि कुछेक 7 से 10 फीट तक खाली पड़े हुए हैं। अब तक पूर्वी मप्र में सामान्य से 17% कम और पश्चिमी मप्र में सामान्य से 16% अधिक बारिश हुई है। इस समय प्रदेश में बारिश के लिए अनुकूल सिस्टम सक्रिय है। ऐसे में अक्टूबर तक सीजन पूरा होने तक इनके लबालब होने की संभावना है।
बीते दो साल से राजधानी में अगस्त का पहला हफ्त सूखा बीत रहा था, लेकिन इस बार हफ्ते के पहले दिन ही पूरा शहर भीग गया। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला के मुताबिक गुरुवार को सुबह से रात 8:30 बजे तक यहां 28.2 मिलीमीटर (1.11 इंच) बारिश हुई। इस बार परिस्थितियां बिल्कुल अलग हैं, इसलिए मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस पूरे महीने 200 मिमी (7.87 इंच) तक बारिश हो सकती है।
डैम इसलिए खाली रह गए :नीमच, खंडवा, सीहोर समेत 9 जिलों में अब तक सामान्य से 21 से 61% तक ज्यादा बारिश हो चुकी है, जबकि सीधी, छिंदवाड़ा, बालाघास, पन्ना समेत 11 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। ग्वालियर, चंबल में भी लगभग यही स्थिति है, इसलिए ज्यादातर डैम अभी भी खाली पड़े हैं।
