इंदौर। खुद को ट्रैवल्स कंपनी का मालिक बताकर ओएलएक्स पर एड देकर लोगों से किराए पर कार और उनके दस्तावेज लेकर एक बदमाश अन्य लोगों को कार बेच देता था। वह कार खरीदने और बेचने के लिए ओएलएक्स पर ही विज्ञापन देता था। गर्लफ्रेंड पर खर्च करने और अय्याशी के लिए बदमाश अब तक 35 से ज्यादा लोगों ठग चुका है। वह हर नई डील पर अपना मोबाइल और पता बदल लेता था। पुलिस पिछले एक साल से आरोपी की तलाश कर रही थी जिसे अब पकड़ा गया है।
एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने बताया कि पकड़ाया बदमाश शोएब पिता सिद्दीक खान निवासी खजराना है। मुखबीर की सूचना पर उसे उदयपुर से पकड़ा है। उसके पास से एक कार बरामद मिली है, जो भोपाल के नंदराम राय की है। आरोपी ने कई ऑटो गैरेज पर काम किया है और वहीं से उसने गाड़ियों की डीलिंग सीख ली थी। फिर वह कारों की खरीदी-बिक्री करने लगा।
उसने अपना ओएलएक्स पर अकाउंट बनाया, जिसमें कारों के खरीदी बिक्री और किराए पर देने के विज्ञापन दिए। उसने लोगों को झांसे में लिया कि वह एक कंपनी का सीईओ है, जहां किराए पर गाड़ियों की जरूरत पड़ती है। वह ज्यादा किराया देकर कार लेगा। लोग उसके झांसे मेंं आ गए और उसे कार के साथ दस्तावेज भी देने लगे। फिर उसने उन्हीं कारों का नंबर छिपाकर ओएलएक्स पर बेचने का विज्ञापन डाल दिया। कुछ खरीदारों ने संपर्क किया तो आरोपी ने उन्हें कम दामों में कार बेच दी। साथ ही दस्तावेज व करारनामा भी दे देता, ताकि खरीदार दो-तीन महीने तक परेशान नहीं करें।
एसएसपी रुचि वर्धन मिश्र ने बताया कि पकड़ाया बदमाश शोएब पिता सिद्दीक खान निवासी खजराना है। मुखबीर की सूचना पर उसे उदयपुर से पकड़ा है। उसके पास से एक कार बरामद मिली है, जो भोपाल के नंदराम राय की है। आरोपी ने कई ऑटो गैरेज पर काम किया है और वहीं से उसने गाड़ियों की डीलिंग सीख ली थी। फिर वह कारों की खरीदी-बिक्री करने लगा।
उसने अपना ओएलएक्स पर अकाउंट बनाया, जिसमें कारों के खरीदी बिक्री और किराए पर देने के विज्ञापन दिए। उसने लोगों को झांसे में लिया कि वह एक कंपनी का सीईओ है, जहां किराए पर गाड़ियों की जरूरत पड़ती है। वह ज्यादा किराया देकर कार लेगा। लोग उसके झांसे मेंं आ गए और उसे कार के साथ दस्तावेज भी देने लगे। फिर उसने उन्हीं कारों का नंबर छिपाकर ओएलएक्स पर बेचने का विज्ञापन डाल दिया। कुछ खरीदारों ने संपर्क किया तो आरोपी ने उन्हें कम दामों में कार बेच दी। साथ ही दस्तावेज व करारनामा भी दे देता, ताकि खरीदार दो-तीन महीने तक परेशान नहीं करें।
