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दिल्ली में हर साल प्रदूषण होने पर लोगों को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा क्यों खटखटाना पड़ता है: कांग्रेस


नई दिल्ली। शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को संसद में दिल्ली के प्रदूषण पर चर्चा हुई। कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा कि जब हर साल दिल्ली में प्रदूषण का मुद्दा उठता है तो फिर सरकार या सदन की ओर से इस मामले पर कोई आवाज क्यों नहीं उठती? आखिर क्यों हर साल लोगों को इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ता है? यह बेहद गंभीर मामला है। 

तिवारी ने आगे यह भी कहा, ‘‘आज यह जरूरी है कि इस सदन की ओर से देश को यह संदेश जाए कि लोगों द्वारा चुने गए प्रतिनिधि इस मुद्दे पर संवेदनशील और गंभीर हैं। केवल हवा ही नहीं बल्कि हमारी नदियां भी प्रदूषित हो रही हैं। जिस तरह संसद में स्थायी, प्राक्कलन और लोक उपक्रम समितियां हैं, उसी तरह प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर भी समिति होना चाहिए।’’
किसान, कश्मीर और जेएनयू पर हंगामा
किसानों की आय, कश्मीर में नेताओं की हिरासत और जेएनयू के मुद्दे पर भी सदन में हंगामा हुआ।  कांग्रेस सांसदों ने गांधी परिवार की सुरक्षा कम करने पर तानाशाही बंद करो के नारे लगाए और लोकसभा की वेल में आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगा। इसके बाद गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने के मुद्दे पर कांग्रेस और डीएमके ने लोकसभा से वॉक आउट कर दिया। उधर, कई सदस्यों ने दोनों सदन में वायु प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन पर चर्चा के लिए नोटिस दिया।

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘‘सोनिया और राहुल गांधी सामान्य सुरक्षा पाने वाले व्यक्ति नहीं हैं। अटल बिहारी वाजपेयी ने गांधी परिवार को एसपीजी सुरक्षा प्रदान की थी। गांधी परिवार को 1991 से 2019 तक यह सुरक्षा मिली रही। एनडीए दो बार सत्ता में आया, लेकिन गांधी परिवार का एसपीजी कवर नहीं हटाया गया।’’

- विपक्ष ने प्रश्नकाल के दौरान लोकसभा में 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के मुद्दे पर हंगामा किया। विपक्ष ने जेएनयू और गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने के मामले में भी नोटिस दिया। 
- राज्यसभा सांसद आरके सिन्हा, विजय गोयल, केटीएस तुलसी और जीवीएल नरसिम्हा राव ने प्रदूषण पर चर्चा के लिए नोटिस दिया। माकपा सांसद बिनॉय विस्वन ने जेएनयू मुद्दे पर राज्यसभा में स्थगन नोटिस दिया।
प्रदूषण पर राजनीति से ऊपर उठकर सोचना होगा: तृणमूल
तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सोचने की जरूरत है। इस पर राजनीति से ऊपर उठकर विचार करना चाहिए और मिलकर हल खोजना चाहिए। जलवायु परिवर्तन पर एकजुट होकर लड़ने की जरूरत है। रविवार को दिल्ली में भाजपा के सांसदों मनोज तिवारी, हंसराज हंस और मीनाक्षी लेखी ने प्रदूषण का मुद्दा संसद में उठाया। लेखी ने कहा कि हमारे प्रदेश के सीएम अरविंद केजरीवाल के पास इतना समय नहीं है कि अपने पड़ोसी के राज्यों के साथ बात कर लें।
दिल्ली-एनसीआर में एक्यूआई 600 के पार पहुंचा था
दिल्ली-एनसीआर में दिवाली के बाद से हवा की गुणवत्ता कई दिनों तक गंभीर स्थिति में रही थी। यहां एक्यूआई 600 के पार पहुंच गया था। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट दिल्ली और केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। कोर्ट ने दिल्ली में 13 जगहों पर चीन की तर्ज पर एयर प्यूरीफायर टॉवर लगाने के निर्देश दिए हैं। केजरीवाल सरकार दिल्ली में वायु प्रदूषण के लिए हरियाणा और पंजाब को जिम्मेठार ठहराती रही है। 
दिल्ली में मंगलवार सुबह हवा की गुणवत्ता (एक्यूआई) में थोड़ा सुधार देखा गया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुताबिक, जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम के पास एक्यूआई 212 (खराब स्थिति) रिकॉर्ड हुआ। मौसम विशेषज्ञों ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के ऊपर विंड स्पीड तेज होने से प्रदूषक कण काफी हद तक हट गए हैं, इससे एयर क्वालिटी पहले से बेहतर हुई।
पहले दिन कश्मीरी नेताओं की हिरासत का मुद्दा उठा था
सत्र के पहले दिन कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने गांधी परिवार की सुरक्षा घटाने का मुद्दा उठाया था। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने कश्मीरी नेताओं की हिरासत को लेकर जमकर नारेबाजी की। वे अनुच्छेद 370 हटाने के दौरान हिरासत में लिए गए नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को रिहा करने की मांग कर रहे थे। चौधरी ने कहा कि फारूक जी को संसद आने दिया जाए, ये उनका अधिकार है। उधर, राज्यसभा के 250वें सत्र के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदस्यों को संबोधित किया था।
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