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राष्ट्रीय एकलव्य खेलकूद प्रतियोगिता का समापन 13 दिसम्बर को

भोपाल। राष्ट्रीय एकलव्य खेलकूद प्रतियोगिता का समापन 13 दिसम्बर को सुबह 11 बजे भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में होगा। समापन समारोह में केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्रीमती रेणुका सरूता मुख्य अतिथि होंगी। आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री ओमकार सिंह मरकाम कार्यक्रम में विशेष अतिथि रहेगे।

भोपाल में 9 दिसम्बर से जारी इस 4 दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में 20 राज्यों के 4,057 से अधिक खिलाड़ियों ने 16 खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बालक-बालिकाओं के लिये खेल प्रतियोगिता दो आयु वर्ग समूह अण्डर-14 और अण्डर-19 में सम्पन्न हुई। प्रदेश के 26 आवासीय विद्यालयों के करीब 550 से अधिक विद्यार्थियों ने भी प्रतियोगिताओं में विभिन्न खेल विधाओं में अपना उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

आदिम-जाति कल्याण मंत्री श्री मरकाम राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न राज्यों की टीमों के खिलाड़ियों से मिले। श्री मरकाम ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिये बधाई दी। उन्होंने कबड्डी की अण्डर-19 प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को भी स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई दी। आदिम-जाति कल्याण मंत्री ने तमिलनाडु और मध्यप्रदेश के बीच हुआ कबड्डी मैच देखा। मध्यप्रदेश की टीम इस मैच में 30-15 से विजयी रही। प्रतियोगिता में बॉक्सिंग में मध्यप्रदेश को ओवर-ऑल 12 स्वर्ण, 7 रजत और 9 काँस्य पदक प्राप्त हुए। इनमें से भोपाल के गुरुकुलम विद्यालय ने 11 स्वर्ण, 6 रजत और 9 काँस्य पदक प्राप्त किये।

राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता में प्रतीक-चिन्ह (लोगो) "एकलव्य'' और शुभंकर (मेस्कॉट) "मुन्ना'' आकर्षण का केन्द्र रहे। प्रतीक-चिन्ह महाभारत के पात्र एकलव्य की प्रतिकृति पर आधारित था। यह शक्ति, समर्पण, निष्ठा और निडरता को प्रदर्शित करता रहा। शुभंकर "मुन्ना'' बाघ पर आधारित था। इसे खिलाड़ियों ने गर्व, ताकत, निडरता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक माना।

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