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अमेरिका-चीन के बीच पहले चरण की ट्रेड डील पर सहमति, 17 महीने से चल रहा ट्रेड वॉर थमेगा; असर- दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी


वॉशिंगटन। अमेरिका और चीन के बीच पहले चरण की ट्रेड डील पर गुरुवार को सहमति बन गई। इससे दोनों देशों के बीच पिछले 17 महीने से चल रहा ट्रेड वॉर फिलहाल थम जाएगा। अमेरिकी मीडिया के मुताबिक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प डील साइन कर चुके हैं। डील की शर्तों के मुताबिक 160 अरब डॉलर के चाइनीज इंपोर्ट पर 15 दिसंबर से प्रस्तावित अमेरिकी टैरिफ (आयात शुल्क) टल जाएगा। जिन उत्पादों पर टैरिफ लगना था उनमें कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और खिलौने भी शामिल थे। चीन से आने वाले सामान पर पहले से लग रहे कुछ टैरिफ में 50% कटौती भी की जाएगी। डील के तहत चीन अगले साल अमेरिका से 50 अरब डॉलर के कृषि उत्पाद और अन्य वस्तुएं खरीदने को तैयार हुआ है।
अमेरिका का फार्म एक्सपोर्ट 12 महीने में 72% घटा
ट्रेड डील होने से अमेरिका के कृषि उत्पादों के एक्सपोर्ट को बढ़ावा मिलेगा। ट्रेड वॉर के चलते चीन ने अमेरिका से कृषि उत्पाद खरीदना बंद कर दिया था। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक बीते एक साल में अमेरिकी फार्म एक्सपोर्ट 25 अरब डॉलर से घटकर 7 अरब डॉलर रह गया था।
टैरिफ वॉर की वजह से चीन की जीडीपी ग्रोथ 27 साल के निचले स्तर पर पहुंची
ट्रेड वॉर की वजह से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नुकसान हो रहा था। सितंबर तिमाही में अमेरिका की जीडीपी ग्रोथ घटकर 2% रह गई। पिछले साल सितंबर तिमाही में 3% थी। इस साल सितंबर तिमााही में चीन की ग्रोथ 6% रह गई। यह 27 साल में सबसे कम है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड के अनुमान के मुताबिक टैरिफ वॉर की वजह से अमेरिका की ग्रोथ में 0.6% और चीन की ग्रोथ में 2% गिरावट आई।
अमेरिकी कंपनियों को हर महीने 2.5 अरब डॉलर की बचत की उम्मीद
बीते 17 महीने में दोनों देशों ने कई बार एक-दूसरे के आयात पर शुल्क बढ़ाए या नए शुल्क लगाए थे। पिछले कुछ महीनों के आंकड़ों के मुताबिक चाइनीज प्रोडक्ट के इंपोर्ट पर अमेरिकी कंपनियां सरकार को हर महीने 5 अरब डॉलर का आयात शुल्क चुका रही हैं। आयात शुल्क में 50% कमी की जाती है तो कंपनियों को हर महीने 2.5 अरब डॉलर की बचत होगी।
अमेरिकी, एशियाई शेयर बाजारों में तेजी
दुनिया की दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के बीच डील की रिपोर्ट से दुनियाभर के शेयर बाजारों में तेजी आई। अमेरिकी शेयर बाजार का इंडेक्स डाओ जोंस गुरुवार को 0.79% और नैस्डेक 0.77% बढ़त के साथ बंद हुआ। भारत समेत दूसरे एशियाई बाजारों में भी तेजी देखी जा रही है। ट्रेड वॉर की वजह से दुनियाभर के शेयर बाजारों को काफी नुकसान हुआ था।
ट्रम्प ने 2 महीने पहले ही डील के संकेत दिए थे
अमेरिका और चीन के बीच अक्टूबर से वार्ता चल रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तभी संकेत दिए थे कि इस साल के आखिर तक पहले चरण की डील हो सकती है। हालांकि, पिछले दिनों ट्रम्प के बयान से डील को लेकर आशंका की स्थिति बन गई थी। ट्रम्प ने कहा था कि वे डील के लिए 2020 के चुनावों तक इंतजार कर सकते हैं।

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