नई दिल्ली। यूं तो इस दशक में ऐसी कई बातें हुईं जिन्होंने सभी का ध्यान खींचा। मगर, कुछ बातें ऐसी थीं, जिसका प्रभाव व्यापक तौर पर देखने को मिला। फिर बात प्रधानमंत्री द्वारा की गई नोटबंदी की घोषणा की हो या फिर सुप्रीम कोर्ट के जजों का मीडिया के सामने आकर अपनी पीड़ा जाहिर करने का हो। न्यायपालिका का यूं जनता दरबार में पहुंचना और अर्थव्यवस्था का लड़खड़ाना आज तक सुर्खियों में है। ऐसी ही कुछ और बातों को भी इसमें शामिल किया गया है।
