दिल्ली। सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे ने मंगलवार को कहा कि अगर पाकिस्तान ने प्रायोजित आतंकवाद बंद नहीं किया तो हम पहले ही खतरे की जड़ पर वार करेंगे और यह हमारा अधिकार है। सेना प्रमुख ने कहा कि इस बारे में हमने अपने इरादे सर्जिकल स्ट्राइक और बालाकोट ऑपरेशन के दौरान ही जाहिर कर दिए थे। उन्होंने कहा कि हमारे पास प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के लिए विकसित रणनीति है।
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पर नवनियुक्त आर्मी चीफ ने कहा- जिस तरह से हम अभी ऑपरेट कर रहे हैं, सीडीएस निश्चित तौर पर उसमें बड़ा बदलाव लाएंगे। वे पूरे सैन्य तंत्र में आमूलचूल सुधार लाएंगे। मूलभूत सुधार क्षमता को बढ़ाना और किसी भी समय तैयार रहना है।
'पाकिस्तानी सेना की हर कोशिश नाकाम साबित हुई'
नरवणे ने न्यूज एजेंसी को दिए साक्षात्कार में कहा कि प्रायोजित आतंकवाद से हमारा ध्यान भटकाने की पाकिस्तान की सेना की हर कोशिश विफल साबित हुई है। आतंकवादियों के सफाए और आतंकी नेटवर्क के खात्मे से पाकिस्तान के प्रॉक्सी वार के ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है। आतंकवाद के खिलाफ हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।
'उत्तरी सीमा पर फोकस हमारी प्राथमिकता'
उन्होंने बताया, ‘‘अब हम पश्चिमी सीमा से उत्तरी सीमा पर अपना फोकस कर रहे हैं। यह प्राथमिकताओं के संतुलन की प्रक्रिया है। हम उत्तरी सीमा पर पर अपनी क्षमताओं क बढ़ाने के काम को जारी रखेंगे ताकि जब आवश्यकता हो तब हम पूरी तरह से तैयार रहें। मेरा पूरा जोर सेना को किसी भी समय किसी भई खतरे के लिए पूरी तरह तैयार रखना है। पिछले कई साल से हमारा फोकस पश्चिमी सीमा पर रहा है, जबकि उत्तरी सीमा पर थोड़ा कम ध्यान दिया गया है। हमें संतुलन की आवश्यकता है।’’
'चीन सीमा पर शांति के लिए दोनों सेनाओं को निर्देश जारी किए गए'
चीन के संबंध में उन्होंने कहा- वुहान समिट के दौरान दोनों देशों ने अपनी सेनाओं को सामरिक दिशा-निर्देश दिए थे। इसका मकसद सीमा पर शांति स्थापित करना था। इसके जरिए हम मसलों को स्थानीय स्तर पर सुलझाने और उनको विवाद बनने से रोकना चाहते हैं। लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर भी दोनों सेनाओं को ऐसे ही निर्देश जारी किए गए हैं। कुछ मामलों पर मतभेद और संवेदनशील स्थानों पर टकराव के बावजूद दोनों सेनाओं में संबंध मैत्रीपूर्ण बने हए हैं।
'कश्मीर में सुधार हुआ है, इसमें कोई शक नहीं'
सेना प्रमुख ने कश्मीर पर कहा कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां आतंकी गतिविधियों में कमी आई है। हिंसक घटनाओं में भी कमी आई है और इसमें कोई शक नहीं है कि सुधार हुआ है। हालांकि, समस्याएं मिटी नहीं हैं, वह अभी हैं। इससे निपटने के लिए हम लगातार सुधार कर रहे हैं और आने वाली चुनौतियों से भी निपटेंगे।
