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छात्रों की पिटाई पर कई सेलेब्स ने साधी चुप्पी, सोशल मीडिया यूजर्स ने कहा,


मुंबई।  नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में रविवार को जामिया मिलिया यूनिवर्सिटी में हुए उग्र प्रदर्शन और कार्रवाई के तौर पर पुलिस द्वारा छात्रों की पिटाई का मुद्दा देशभर में गरमाया हुआ है। खासकर सोशल मीडिया पर इस पूरे मसले पर  प्रतिक्रिया का दौर जारी है। कोई पुलिस की कार्रवाई की निंदा कर रहा है तो कोई छात्रों के सपोर्ट में लिख रहा है लेकिन कई बॉलीवुड स्टार्स इस मसले पर चुप्पी साधे हुए हैं और कुछ भी कहने से बच रहे हैं। ऐसे में ट्विटर पर #ShameonBollywood हैशटैग ट्रेंड हो रहा है जिसमें लोग स्टार्स की आलोचना करते हुए कई ट्वीट कर रहे हैं। 
सोशल मीडिया यूजर्स स्टार्स को ले रहे आड़े हाथ
एक यूजर ने पीएम मोदी के साथ स्टार्स की सेल्फी पोस्ट करते हुए ट्विटर पर लिखा, ''अंत में बस पैसा मायने रखता है, इन्हें हमारे समाज से कोई मतलब नहीं।''
किन सेलेब्स ने नहीं दी है कोई प्रतिक्रिया
अमिताभ बच्चन,शाहरुख खान, सलमान खान,आमिर खान, रणवीर सिंह, दीपिका पादुकोण, प्रियंका चोपड़ा, आलिया भट्ट, वरुण धवन, रणबीर कपूर और कई सेलेब्स ने अब तक इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। फिल्ममेकर अनुभव सिन्हा ने भी कई स्टार्स की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं और ट्वीट में लिखा है, ''माँ पूछती थी कि रिपोर्ट कार्ड कब मिलेगा तो हम चुप हो जाते थे, काहे कि वो तो बैग में पड़ा ही था पर दिखाने जैसा नहीं था। जब कुछ नहीं बोलते थे तो माँ पूछती थी कि 'अब मुँह में दही काहे जम गया?' आज हम पूछते हैं अपना आइकॉन लोगों से,  मुँह में दही काहे जमा है रे? आइकॉन है कि भकचोनहर है?''

आयुष्मान खुराना ने लिखा, 'छात्रों की पिटाई के दूसरे दिन तक कुछ सेलेब्स ने भले ही चुप्पी साध रखी है लेकिन कुछ सेलेब्स ऐसे हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया दी है। आयुष्मान खुराना ने ट्विटर पर लिखा,जीन हालातों से छात्रों को गुजरना पड़ा, उसे देखकर मैं काफी व्यथित हूं और इसकी निंदा करता हूं। हम सबको प्रोटेस्ट करने का हक़ है और आवाज उठाने का हक है। हालांकि, प्रोटेस्ट में हिंसा नहीं होनी चाहिए और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। प्यारे देशवासियों! यह गांधी का देश है। अहिंसा व्यक्त करने का उपकरण होना चाहिए, जनतंत्र में भरोसा रखिए।'

विकी कौशल ने लिखा, 'जो हो रहा है वह ठीक नहीं है। जिस तरह से यह हो रहा है वह भी ठीक नहीं है। लोगों को शांतिपूर्वक अपनी राय रखने का पूरा अधिकार है। यह हिंसा दुखद है और एक नागरिक के रूप में दुखदाई है। किसी भी परिस्थिति में, लोकतंत्र में हमारा विश्वास नहीं हिलना चाहिए।'


परिणीति चोपड़ा ने ट्विटर पर लिखा-'अगर अपने विचार व्यक्त करने पर किसी नागरिक के साथ ऐसा होता है तो #CAB को भूल जाएं, हमें एक बिल पास करना चाहिए और अपने देश को लोकतंत्र नहीं कहना चाहिए। अपने मन की बात कहने के लिए निर्दोष मनुष्यों की पिटाई? वीभत्स।'

मनोज बाजपेयी ने लिखा, ऐसे समय हो सकते हैं जब हम अन्याय को रोकने के लिए शक्तिहीन होते हैं, लेकिन कभी ऐसा समय नहीं होना चाहिए जब हम विरोध करने में विफल हों। विरोध करने के लिए छात्रों और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों के साथ! मैं प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हिंसा की निंदा करता हूँ !!!!!

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