नई दिल्ली। कंटेनर पॉलिटिक्स के जरिए सत्ता तक पहुंचे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान एक बार फिर मजाक का विषय बन गए। शुक्रवार को उन्होंने एक वीडियो के जरिए भारत पर निशाना साधने की कोशिश की। यूपी में पुलिस ज्यादती के आरोप लगाकर वो दुनिया का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे। लेकिन, जो वीडियो पोस्ट किया वो करीब सात साल पुराना और बांग्लादेश का था। फजीहत हुई तो इसे डिलीट कर दिया। बहरहाल, इमरान ने बतौर प्रधानमंत्री करीब एक साल में 7 बार इसी तरह की बचकाना हरकतें कीं। और हर बार मुल्क और खुद को शर्मसार करा लिया। यहां जानते हैं इन्हीं सात नादानियों को जो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कीं।
1: जापान और जर्मनी की एक सीमा
जापान प्रशांत महासागर क्षेत्र में है। और जर्मनी यूरोप का हिस्सा। इनके बीच हवाई दूरी करीब 9,071 किलोमीटर है। ये बात अधिकांश लोगों को पता होगी लेकिन शायद इमरान इससे वाकिफ नहीं। 25 अगस्त 2019 को महोदय ईरान में कारोबारियों को संबोधित कर रहे थे। यहां कहा, “जापान और जर्मनी ने दूसरे विश्व युद्ध तक एक-दूसरे के लाखों नागरिकों की जान ली। बाद में उन्हें गलती का अहसास हुआ। दोनों देशों ने सीमा पर संयुक्त कारखाने लगाए।” पाकिस्तान की पूर्व विदेशमंत्री हिना रब्बानी खार ने संसद में पीएम का मजाक उड़ाया। बता दें कि जापान की कोई थल सीमा नहीं है।
2: मोदी समेत हर राष्ट्राध्यक्ष खड़ा हुआ, खान साहब बैठे रहे
जून में किगिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग सम्मेलन हुआ। इसमें मोदी के अलावा रूस के राष्ट्रपति पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी शरीक हुए। परंपरा के मुताबिक, एक-एक राष्ट्राध्यक्ष के नाम की घोषणा हुई और उसने हॉल में प्रवेश किया। इस दौरान बाकी राष्ट्राध्यक्षों को खड़ा होना होता है। सभी राष्ट्राध्यक्षों ने इसका पालन किया लेकिन इमरान बैठे रहे। एक अफसर ने जाकर बताया तब खड़े हुए लेकिन तब तक ट्रोल हो चुके थे।
3: अलार्म बजता रहा, इमरान बोलते रहे
सितंबर में संयुक्त राष्ट्र आमसभा का आयोजन हुआ। चार्टर के मुताबिक, कोई भी राष्ट्राध्यक्ष ज्यादा से ज्यादा 20 मिनट तक ही बोल सकता है। इसके बाद पोडियम पर लगा अलार्म बजने लगता है। नरेंद्र मोदी यहां सिर्फ 15 मिनट में भाषण देकर चले गए। जब इमरान की बारी आई तो वो 52 मिनट तक चुप ही नहीं हुए। लोगों ने इमरान पर खूब मीम बनाए और सोशल मीडिया पर उनका मजाक बना।
4: एक भाषण और चार गलतियां
इसी संबोधन में इमरान एक के बाद एक चार गलतियां कर गए। भारत की जनसंख्या गलत बता दी। आरएसएस की यूनिफॉर्म को ब्राउन यानी भूरा बता दिया। वीर सावरकर को सोलवॉकर बोल गए। और एक बार नहीं बल्कि तीन बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति मोदी बता दिया। बाद में पूरी दुनिया में उन्हें ट्रोल किया गया। यूएन
आमसभा में जाने से पहले इमरान सऊदी गए। यहां क्राउन प्रिंस सलमान ने उन्हें अपना विमान दिया ताकि वो कमर्शियल फ्लाइट की बजाए यूएन इससे जाएं। लौटते वक्त इमरान को कमर्शियल फ्लाइट से आना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सऊदी सरकार यूएन में इमरान के भाषण से बेहद खफा थी। लिहाजा, प्रिंस ने अपना विमान वापस मंगा लिया। हालांकि, पाकिस्तान ने कहा कि इसमें तकनीकी दिक्कत थी।
6: पेड़-पौधे रात में ऑक्सीजन छोड़ते हैं
बात नवंबर में इस्लामाबाद की एक यूनिवर्सिटी की है। इमरान यहां छात्रों को संबोधित कर रहे थे। मकसद था, पाकिस्तान में युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की हौसला अफजाई करना। यहां उन्होंने कहा, “हम सब जानते हैं कि पेड़-पौधे रात में ऑक्सीजन छोड़ते हैं।” इसके बाद, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के चीफ बिलावल भुट्टो ने उनका वीडियो शेयर किया। कहा- हमारे प्रधानमंत्री के जनरल नॉलेज पर तो उन्हें नोबेल पुरस्कार मिलना चाहिए। संसद में भी उनका मजाक उड़ा।
7: अगुआ बनने चले लेकिन समिट में शामिल ही नहीं हुए
कश्मीर मुद्दे पर पाकिस्तान का समर्थन सिर्फ मलेशिया और तुर्की ने किया। इन्हीं देशों के साथ मिलकर इमरान ने इस्लामिक देशों का एक नया संगठन और खुद उसका अगुआ बनने का ख्वाब पाल लिया। बात 17 दिसंबर 2019 की है। इमरान के कदम से नाखुश सऊदी अरब और यूएई ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को तलब कर लिया। इमरान भागे-भागे रियाद पहुंचे। चंद घंटे बाद पाकिस्तान ने मलेशिया में अपनी अध्यक्षता में होने वाली कुआलालंपुर समिट से खुद को दूर कर लिया। एक बार फिर इमरान की फजीहत हुई।
