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दिल्ली। राष्ट्रीय कोच पुलेला गोपीचंद को पीवी सिंधु समेत चोटी के बैडमिंटन खिलाड़ियों के फॉर्म में न होने के बावजूद उम्मीद है कि टोक्यो में टीम ओलिंपिक में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगी। गोपीचंद ने कहा,‘‘पिछले कुछ ओलिंपिक में हमारा प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस बार हमारी टीम में एक विश्व चैम्पियन (सिंधु) है।’’

सिंधु महिला सिंगल्स में मौजूदा विश्व चैंपियन हैं। उन्होंने पिछले साल अगस्त में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर खिताब जीता था। गोपीचंद की देख-रेख में ही साइना ने 2012 लंदन ओलिंपिक में कांस्य तो सिंधु ने रियो में रजत पदक जीता था।
गोपीचंद ने कहा- युवा शटलर्स को खेलो इंडिया से मदद मिलेगी 
गोपीचंद ने खेलो इंडिया यूथ गेम्स की तारीफ करते हुए कहा, ‘‘इस तरह के खेलों से युवाओं को बड़ा मंच मिलता है। मैं इससे बहुत खुश हूं। इससे खेलों के लिए सकारात्मक तस्वीर बनती है। खेलों इंडिया यूथ गेम्स में हिस्सेदारी से युवा शटलर्स को काफी मदद मिलेगी।’’
'युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल में प्रदर्शन का मौका मिलना अच्छा'
उन्होंने कहा, ‘‘मैं भाग्यशाली रहा कि दिल्ली और पुणे में हुए खेलो इंडिया गेम्स देख पाया। मुझे लगता है कि ऐसे खेलों का आयोजन करके सरकार अच्छा काम कर रही है। युवा एथलीट्स को अंतरराष्ट्रीय स्तर के माहौल में प्रदर्शन का मौका मिलना अच्छा है। यह अनुभव उनके बड़े काम आएगा।’’

जब उनसे यह सवाल पूछा गया कि, वे नए टैलेंट में किन खूबियों को ढूंढते हैं, तो उन्होंने जवाब दिया, बैडमिंटन शारीरिक दम-खम वाला खेल है। लेकिन इसमें हुनर भी जरूरी है। ऐसे में एक खिलाड़ी को चुनने में मानसिक मजबूती और शारीरिक क्षमता दो अहम गुण हैं। खेलो इंडिया यूथ गेम्स का तीसरा संस्करण 10 से 22 जनवरी के बीच गुवाहाटी में आयोजित किया जाएगा। 

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