मुंबई। तेलुगु फिल्मों के दिग्गज अभिनेता राजशेखर ने मूवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (एमएए) के कार्यकारी उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे राजशेखर और चिरंजीवी के बीच हुई तीखी बहस से जोड़कर देखा जा रहा है, जो गुरुवार को हैदराबाद के पार्क हयात होटल में हुए एक इवेंट के दौरान हुई थी।
चिरंजीवी के बयान पर भड़क गए थे राजशेखर
दरअसल, गुरुवार को पार्क हयात होटल में 'एमएए डायरी' का विमोचन किया गया। इस दौरान जब चिरंजीवी ने कहा कि एमएए में जब कुछ अच्छा होता है तो उसे माइक पर बताया जाता है और जब कुछ बुरा होता है तो उसकी कानाफूसी होती है। चिरंजीवी ने यह भी कहा था कि एसोसिएशन के मेंबर्स को आपसी मनमुटाव शांतिपूर्ण तरीके से दूर करने चाहिए।
इसके तुरंत बाद राजशेखर ने मंच पर आकर अभिनेता और स्क्रीन राइटर परुचुरी गोपाला कृष्णा के हाथ से माइक छीनकर सवाल उठाया था कि आखिर क्यों लोगों को स्वतंत्रतापूर्वक अपनी राय रखने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। राजशेखर के इस रवैये पर अभिनेता चिरंजीवी और महेश बाबू ने नाराजगी भी जाहिर की थी।
चिरंजीवी ने की थी अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग
राजशेखर के रवैये से नाराज चिरंजीवी ने अपने बयान में कहा था कि एमएए में इस तरह का रवैया अच्छा नहीं है। जो लोग जानबूझकर ऐसा करते हैं, उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद राजशेखर मंच से चले गए थे। रिपोर्ट्स की मानें तो राजशेखर की पत्नी जीविता ने भी उनकी हरकतों को बचकाना बताया था।
इस्तीफे में लिखा- संस्थान में पारदर्शिता नहीं
राजशेखर ने इस्तीफे में लिखा है कि वे और कमिटी के बाकी सदस्य एमएए के प्रेसिडेंट वीके नरेश और एसोसिएशन के मैनेजमेंट को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने यह दावा भी किया है कि संस्थान बिना किसी पारदर्शिता के चल रहा है। राजशेखर का कहना है कि ये चीजें उन्हें प्रभावित करती हैं, क्योंकि वे सीधे-सादे, संवेदनशील और भावुक इंसान हैं।
