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जीएसआई का दावा- सोनभद्र में 52806.25 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है, न कि शुद्ध सोना


सोनभद्र। जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) ने शनिवार को खदान में 3000 हजार टन सोना नहीं, बल्कि सिर्फ 160 किलो सोना होने का दावा किया है। जीएसआई के निदेशक डॉ. जीएस तिवारी ने बताया कि सोनभद्र की खदान में 3000 टन सोना होने की बात जीएसआई नहीं मानता। सोनभद्र में 52806.25 टन स्वर्ण अयस्क होने की बात कही गई है न कि शुद्ध सोना। सोनभद्र में मिले स्वर्ण अयस्क से प्रति टन सिर्फ 3.03 ग्राम ही सोना निकल सकेगा। ऐसे में पूरी खदान से 160 किलो सोना ही निकलेगा।

तिवारी ने बताया- सोनभद्र में सोने की तलाश जारी है। सर्वे अभी चल रहा है। वहां पर और सोना मिलने की संभावना से अभी इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन अभी केवल अयस्क मिला है।
दो पहाड़ियों में स्वर्ण भंडार का दावा किया गया था
सोनभद्र जिले की सोन और हरदी पहाड़ी में अफसरों ने सोना मिलने की पुष्टि की थी। इसके अलावा क्षेत्र की पहाड़ियों में एंडालुसाइट, पोटाश, लौह अयस्क आदि खनिज संपदा होने की बात भी चर्चा में है। क्षेत्र के आसपास की पहाड़ियों में 15 दिनों से हेलिकॉप्टर से सर्वे किया जा रहा है। हवाई सर्वे के माध्यम से यूरेनियम का भी पता लगाया जा रहा है।
सबसे ज्यादा स्वर्ण भंडार कर्नाटक में
भारत में सबसे ज्यादा सोना कर्नाटक की हुत्ती खदान से निकालता है। आंध्रप्रदेश, दूसरा सबसे बड़ा सोना उत्पादक राज्य है। इनके अलावा झारखंड, केरल और मध्यप्रदेश में भी सोने की खदानें हैं।

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