मुंबई। पंजाब और पुडुचेरी के बाद अब महाराष्ट्र में भी कर्फ्यू लागू कर दिया गया है। सोमवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इसका ऐलान किया। उन्होंने कहा कि ''आज मैं पूरे राज्य में कर्फ्यू की घोषणा करने के लिए मजबूर हूं। अभी तक लोग सुन नहीं रहे थे। इसलिए अब समय आ गया है कि राज्य में पूरी तरह से कर्फ्यू लागू कर दिया जाए। कल राज्य का बॉर्डर सील किया गया था और आज सभी जिलों के बॉर्डर सील कर दिए गए हैं। अब एक जिले से दूसरे जिले में भी लोग नहीं जा सकेंगे। इस दौरान लोगों को जरूरी सेवाएं मिलती रहेंगी। दूध, बेकरी, मेडिकल के शॉप खुले रहेंगे। लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है।''
महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 15 नए मामले सामने आए हैं। इनमें 14 मुंबई के और एक पुणे का मरीज है। नए मामले सामने आने के बाद राज्य में संक्रमितों की संख्या 89 हो गई है। सात संक्रमितों की ट्रैवल हिस्ट्री है यानी उन्होंने विदेश की यात्राएं की हैं। लेकिन, चिंता की बात यह है कि आठ लोग देश से बाहर नहीं गए और संक्रमितों के संपर्क में आने की वजह से वायरस का शिकार हुए।
68 वर्षीय फिलीपिंस की मौत
रविवार रात को मुंबई में फिलीपिंस से लौटे 68 साल के एक बुजुर्ग की मौत हो गई। 12 मार्च को आई रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग कोरोना संक्रमित था। हालांकि, इलाज के बाद उसकी जांच की गई तो उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा- फिलीपींस से आए बुजुर्ग की मौत की जानकारी हुई है। इलाज के बाद उनकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। मौत के बाद सैंपल लिए गए हैं। जांच रिपोर्ट का इंतजार है। इससे पहले 17 मार्च को कोरोना संक्रमित 64 साल के बुजुर्ग की भी मौत हुई थी। 21 मार्च को भी मुंबई में 63 साल के एक और मरीज की मौत हुई थी। उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारी थी।
हर मेडिकल कॉलेज में बनेगी टेस्टिंग लैब
राजेश टोपे ने बताया कि पुणे और मुंबई में भर्ती 51 लोगों में से एक व्यक्ति पुणे में आईसीयू में है और एक व्यक्ति मुंबई में आईसीयू में है, बाकी लोगों की स्थिति सामान्य है। प्रदेश के सभी जिलों के मेडिकल कॉलेज में कोरोना की जांच के लिए टेस्टिंग लैब बनाई जाएगी।
