Type Here to Get Search Results !

राज ठाकरे की शैडो कैबिनेट मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट बनाएगी, मनसे चीफ ने आदित्य ठाकरे की निगरानी बेटे अमित को सौंपी


मुंबई। राज ठाकरे ने सोमवार को महाराष्ट्र निर्माण सेना (मनसे) के नेताओं की शैडो कैबिनेट बनाई। मनसे की शैडो कैबिनेट राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के मंत्रियों के कामकाज पर नजर रखेगी। उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे के कामकाज पर नजर रखने का जिम्मा राज ठाकरे ने अपने बेटे अमित ठाकरे को सौंपा है। अमित को पहली बार आधिकारिक तौर पर पार्टी की तरफ से कोई जिम्मेदारी सौंपी गई है। राज ठाकरे ने मनसे के 14वें स्थापना दिवस के मौके पर इस शैडो कैबिनेट का ऐलान किया। इसमें 24 से ज्यादा नेताओं को शामिल किया गया है।

राज ठाकरे ने कहा- शैडो कैबिनेट का मकसद हर मंत्री के पीछे एक जिम्मेदार व्यक्ति को रखना है। वह मंत्रियों के कामकाज पर नजर रखेगा। गलत कामों के खिलाफ आवाज उठाएगा और उनके सही कामों पर उनकी जनता के बीच तारीफ भी करेगा।
शैडो कैबिनेट व्यक्तिगत फायदे या पैसा कमाने के लिए नहीं- राज
मनसे चीफ ने कहा- शैडो कैबिनेट को मनसे प्रयोग के तौर पर शुरू कर रही है। जनता हमारे काम को पसंद करती है, लेकिन हमारा काम वोट में बदल नहीं पाता है। हमारे नेताओं को जमीन पर उतरकर देखना होगा कि कमी कहां रह जाती है। शैडो कैबिनेट मंत्रियों के काम पर नजर रखने के लिए है। यह व्यक्तिगत फायदे या पैसा कमाने के लिए नहीं है। मनसे के नेता जनता के बीच जाएं, उनसे बात करें, आरटीआई का इस्तेमाल करें और स्थानीय पत्रकारों से रिपोर्ट लेकर मंत्रियों के कामकाज की रिपोर्ट तैयार करें।
ब्रिटिश संसद में होती है शैडो कैबिनेट
शैडो कैबिनेट का शब्द ब्रिटिश संसद से आया है। वहां पर शैडो कैबिनेट में विपक्षी पार्टी के नेता शामिल होते हैं। इन्हें पार्टी के द्वारा ही चुना जाता है। यह नेता ऐसे विशेषज्ञ की तरह होते हैं, जो विभागों के कामकाज की निगरानी करते हैं। विपक्ष सत्तापक्ष के नेताओं के कामों का ब्योरा रखता है और सरकार से उसकी नीतियों और फैसलों पर सवाल करता है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.