इंदौर। कर्फ्यू में बर्थ-डे वाले दिन खुद को अकेला महसूस कर रही 8वीं की छात्रा ने राऊ थाने की महिला एसआई को फोन लगाकर अपनी पीड़ा बताई। उसकी बात सुनकर क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर रही पुलिस की टीम उसके घर पहुंच गई। पुलिस का बड़ा अमला देख छात्रा भी चौंक गई। फिर पुलिसकर्मियों ने सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए उसका बर्थ-डे मनाया।
राऊ में रहने वाली 13 वर्षीय छात्रा स्नेहा पिता जितेंद्र चौधरी का रविवार रात को पुलिस ने उत्साहवर्धन करते हुए जन्मदिन मनाया। बकौल स्नेहा, मेरा जन्मदिन हर साल बड़े धूमधूम से मनाया जाता था। मेरी सहेलियां और रिशतेदार भी आते थे, लेकिन इस बार कर्फ्यू के कारण कोई भी जन्मदिन पर नहीं आ सकता था। मैं 15 दिन से मां से यही बात कर रही थी कि इस बार मेरा जन्मदिन कैसे मनाएंगे। मां कहती थी कि तू रोजाना हाथ धोना, घर में सभी से दूरी बनाए रखना और मास्क पहनना। ऐसा करेगी तो जल्द ही कर्फ्यू खुल जाएगा। फिर तेरा जन्मदिन भी अच्छे से मनाएंगे।
मैंने छत पर घूमते हुए पुलिस को किया कॉल
छात्रा बोली- जन्मदिन करीब आ रहा था, लेकिन कर्फ्यू खुलने का कुछ दिख नहीं रहा था। मैंने एक दिन अखबार मे पढ़ा था कि एक लड़की का पुलिस ने जन्मदिन मनाया है। बस मैंने भी सोचा कि क्यों ना मैं भी पुलिस को बुलाऊं। कर्फ्यू में मेरे पापा पुलिस की मदद करने के लिए उनकी गाड़ी चला रहे हैं। इसलिए मुझे वहां से थाने की एसआई मैडम अनिला पाराशर का नंबर मिल गया, जो राऊ में काफी प्रसिद्ध हो चुकी हैं। वह लोगों की खूब मदद कर रही हैं। दवाइयां पहुंचा रही हैं, डिलीवरी करवा रही हैं। शाम को मां ने घर पर केक बनाया, लेकिन मुझे अकेले अच्छा नहीं लग रहा था। मैं छत पर घूम रही थी, तभी सोचा कि पुलिस को फोन लगा दूं। मैंने हिम्मत करते हुए फोन लगा दिया। कुछ देर बाद तो पुलिस की पूरी टीम घर पहुंच गई। सभी ने मुझे हैप्पी बर्थ-डे बोला। यह देख मोहल्ले के लोग भी चौंक गए। मैं भी हैरान रह गई। सभी ने मुझे विश किया। केक काटा और फिर मुझे सभी ने आशिर्वाद दिया। मैं अपना यह जन्मदिन कभी नहीं भूल सकती।
मां को कैसे झूठा कर देते
एसआई अनिला पाराशर ने कहा कि मुझे छात्रा का फोन आया। वह मायूस थी। बोली मां झूठ बोलती है कि मैं मास्क पहनूंगी और खूब हाथ धोऊंगी तो मेरा जन्मदिन भी अच्छे से मनेगा। वह अकेले बोर हो रही थी। उसकी बातें सुनकर फील्ड में घूम रहे हम 10 पुलिसकर्मीं वहां पहुंच गए। फिर उसकी मां को भी कैसे झूठा पड़ने देते।
