मुंबई। महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में संक्रमण के चलते तीन लोगों की मौत हो गई। तीनों मौत पुणे में हुई हैं। मृतकों में 69 और 60 साल की दो महिलाएं और 52 साल का एक व्यक्ति है। तीनों को डायबिटिज की शिकायत थी। पुणे में अब तक संक्रमण से पांच लोगों की जान जा चुकी है। इसे मिलाकर राज्य में संक्रमण से होने वाली मौतों की संख्या 35 पहुंच गई है। वहीं, प्रदेश में संक्रमण के 55 नए केस रविवार को सामने आए। इसमें सबसे ज्यादा 29 मुंबई में, पुणे में 21, अहमदनगर में 3 और 2 केस औरंगाबाद के हैं। राज्य में अब कुल संक्रमितों की संख्या 690 तक पहुंच गई है।
इस बीच, राज्य में लगातार बढ़ रहे संक्रमण के मामलों को देखते हुए बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) समुद्र के बीच क्वारैंटाइन सेंटर बनाने पर विचार कर रही है। इसके लिए 'जलेश' क्रूज को इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें 1 हजार बेड की व्यवस्था है। वहीं दूसरी तरफ राज्य में होटल कारोबारियों के संगठन फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने कोरोना से निपटने के लिए राज्य सरकार से 45 हजार कमरे सौंपने की पेशकश की है।
पुणे में तीन मौतें, दो की मौत के बाद हुई कोरोना की पुष्टि
पहली मौत: पुणे में जिस 60 साल की संक्रमित महिला की मौत हुई वह कई दिन पहले यहां के नायडू हॉस्पिटल में इलाज के लिए आई थी। इस दौरान उसमें कोरोना के लक्षण नजर आए। जांच करवाई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। बाद में उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। शुक्रवार को महिला की तबीयत फिर बिगड़ी तो उसे पुणे के ससून हॉस्पिटल ले जाया गया। जहां शनिवार देर रात उसकी मौत हो गई। शव से सैंपल लेकर जांच को भेजा गया तो रविवार को उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। महिला को डायबिटीज की शिकायत भी थी।
दूसरी मौत: पुणे में दूसरी मौत 69 वर्षीय महिला की हुई है। उसे एक्यूट कैलकुलस कोलेसिस्टिटिस नाम की बीमारी थी। इलाज के दौरान महिला के टेस्ट करवाए गए और उसमें कोरोना की पुष्टि हुई। इसके बाद रविवार को वेंटीलेटर पर महिला ने दम तोड़ दिया।
तीसरी मौत: पुणे के भवानी पेठ इलाके के रहने वाले एक 52 वर्षीय व्यक्ति की शनिवार देर रात ससून हॉस्पिटल में मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि उसके नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए। जांच रिपोर्ट रविवार को आई। इसमें कोरोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई। वह डायबिटीज और ब्लड प्रेशर का मरीज था।
शनिवार को छह संक्रमितों की गई थी जान
इससे पहले शनिवार को राज्य में संक्रमण से 6 मौतें हुईं। इसमें पांच मुंबई जबकि एक अमरावती में हुई थी। शुक्रवार को भी छह लोगों की मौत हुई थी। यानी अगर रविवार के मृतकों की संख्या भी जोड़ ली जाए तो पिछले तीन दिनों में राज्य में 15 लोगों की संक्रमण के चलते जान जा चुकी है। महाराष्ट्र के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने शनिवार को लोगों को लोगों को लॉकडाउन का सख्ती से पालन करने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर लोग अनुशासन में नहीं रहेंगे और कोविड-19 के मामले बढ़े तो राज्य में सरकार 14 अप्रैल को लॉकडाउन नहीं हटाएगी।
धार्मिक अनुष्ठान घर में रहकर करें: अजित पवार
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक अनुष्ठान, प्रार्थना, कार्यक्रम घरों में ही करें। डॉक्टर, पुलिसकर्मी, महानगरपालिका कर्मचारी अपनी जान खतरे में डालकर कर्तव्यों का पालन कर रहे हैं, जिन इलाकों में कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, उन इलाकों को सील किया जा रहा है। ऐसी स्थित में बाहर निकलना उचित नहीं होगा। इससे कोरोना के खिलाफ लड़ी जा रही लड़ाई कमजोर पड़ेगी। सोमवार को महावीर जयंती, बुधवार को हनुमान जयंती और शब-ए बरात है।
5 लाख प्रवासी मजदूरों के रहने की व्यवस्था
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बताया कि यहां रहने वाले दूसरे राज्य और महाराष्ट्र के मजदूरों समेत कुल पांच लाख मजदूरों की राज्य सरकार की ओर से व्यवस्था की गई है। इन मजदूरों को दो वक्त का खाना दिया जा रहा है। इनके लिए दवाओं की भी व्यवस्था की गई है।
सोशल मीडिया में अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई
लॉकडाउन के बाद पैदा हुए हालात में सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें फैलाने वालों के खिलाफ महाराष्ट्र में 78 और मुंबई में 8 मामले दर्ज किए गए हैं। साइबर पुलिस के एसपी बाल सिंह राजपूत के अनुसार, राज्य में वॉट्सऐप के 47 और फेसबुक के 10 मामले है।
