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दिल्ली ने स्कूलों से कहा- सिर्फ ट्यूशन फीस लें; महाराष्ट्र ने कहा- अभी न मांगें, झारखंड ने कहा- फीस मांगी तो कार्रवाई करेंगे


नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने कोरोना संकट और लॉकडाउन के बीच पेरेंट्स को स्कूल फीस भरने को लेकर राहत का ऐलान किया। शुक्रवार को डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि हमें स्कूलों में फीस बढ़ाने और लॉकडाउन के दौरान ट्रांसपोर्ट समेत कई तरह के चार्ज वसूलने की शिकायतें मिली थीं। अब सरकार ने फैसला लिया है कि कोई भी स्कूल चाहे वो निजी या सरकारी जमीन पर बना हो, लॉकडाउन खुलने तक सिर्फ ट्यूशन फीस ही लेगा। इसके अलावा कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा। स्कूल प्रबंधन को टीचर्स समेत पूरे स्टाफ की सैलरी वक्त पर देना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले, झारखंड के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने पिछले दिनों कहा था कि स्कूलों ने फीस मांगी तो उन पर कार्रवाई होगी। जबकि महाराष्ट्र सरकार ने कहा है कि यदि स्कूल लॉकडाउन के दौरान फीस मांगते हैं तो पेरेन्ट्स शिकायत कर सकते हैं।

शिक्षा मंत्री सिसोदिया ने कहा, ''कई लोगों की शिकायत थी कि जब लॉकडाउन में बच्चे स्कूल ही नहीं जा रहे हैं तो स्कूल ट्रांसपोर्ट चार्ज कैसे वसूल सकते हैं। कोई प्राइवेट स्कूल मनमर्जी से फीस में बढ़ोतरी नहीं करेगा और न ही एनुअल फीस या अन्य कोई चार्ज लेगा। 3 मई तक लॉकडाउन है, ऐसे में स्कूल एक-एक महीने कर ट्यूशन फीस ले पाएंगे। किसी बच्चे को फीस नहीं भर पाने पर ऑनलाइन क्लास से वंचित भी नहीं किया जाएगा।''
सीबीएसई ने कहा- शिक्षकों के वेतन को लेकर दिशा-निर्देश दे सकते हैं राज्य
सीबीएसई ने राज्यों से कहा- एकमुश्त स्कूल फीस का भुगतान, शिक्षकों के वेतन और हिस्सेदारों से जुड़े लाभ के मामले को देखा जाना चाहिए। बोर्ड ने यह भी कहा कि राज्यों को चाहिए कि कोरोनावायरस महामारी के दौरान बने हालात के मद्देनजर स्कूलों की फीस और शिक्षकों के वेतन को लेकर दिशा-निर्देश जारी कर सकते हैं।
स्कूल कॉन्ट्रैक्ट कर्मियों समेत पूरे स्टाफ को सैलरी बांटें
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कोरोना संकट के दौर में दिल्लीवासियों से जरूरमंदों की मदद और कामगारों को एडवांस सैलरी देने का अपील कर चुके हैं। ऐसे में अब सरकार ने दिल्ली के सभी स्कूलों से कहा है कि वे कोरोना संकट के बीच वे सभी स्टाफ को वक्त पर सैलरी बांटें। चाहे वे कॉन्ट्रैक्ट पर ही काम क्यों न कर रहे हों। अगर स्कूल मैनेजमेंट के पास फंड की कमी है तो इसके लिए अपने पेरेंट ऑर्गेनाइजेशन की मदद लेनी चाहिए।
झारखंड सरकार ने निजी स्कूलों से कहा- लॉकडाउन के दौरान फीस न लें
झारखंड के शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो ने पिछले दिनों कहा कि लॉकडाउन को देखते हुए नैतिकता के आधार पर स्कूल फीस माफ करने की अपील की है, ताकि अभिभावकों को राहत मिले। हम स्कूलों की हिटलरशाही नहीं चलने देंगे। स्कूलों ने फीस मांगी तो उन पर कार्रवाई होगी।
महाराष्ट्र : स्कूलों ने फीस मांगी तो पेरेंट्स शिकायत कर सकेंगे
महाराष्ट्र की स्कूल शिक्षा मंत्री वर्षा गायकवाड़ ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा- यदि स्कूल लॉकडाउन के दौरान की फीस मांगते हैं तो पेरेंट्स शिकायत कर सकते हैं। राज्य सरकार ने 30 मार्च को ही आदेश जारी कर दिया था कि स्कूल और सभी शिक्षण संस्थान लॉकडाउन के दौरान फीस की मांग नहीं करना चाहिए। लॉकडाउन हटने के बाद वे फीस मांग सकते हैं। मंत्री गायकवाड़ ने यह भी बताया कि मुझे ऐसी शिकायतें मिली थीं कि 3 मई तक लॉकडाउन होने के बाद भी पेरेन्ट्स पर फीस दिए जाने को लेकर दबाव बनाया जा रहा है।
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