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राज्यपाल की पहल, देशी गाय नस्ल सुधार कर दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के निर्देश


भोपाल। राज्यपाल लाल जी टंडन ने गौवंश नस्ल सुधार कार्यक्रम के प्रभावी संचालन की जरूरत बताई है। उन्होंने देशी नस्लों को सुधार कर उनकी दुग्ध उत्पादन क्षमता को बढ़ाने के निर्देश दिए है। देशी नस्ल के गौवंश के पालन के लिए कृषकों, पशु पालकों को प्रेरित करने पशु पालन को लाभकारी बनाने के प्रयासों के लिए निर्देशित किया है। राजभवन की गौशाला को आदर्श गौशाला के रूप में विकसित कर आधुनिक विधि से गौपालन के साथ ही भ्रूण प्रत्यारोपण संबंधी विभिन्न कार्यों का संचालन किया जा रहा है। राजभवन गौशाला की उन्नत दुग्ध उत्पादक नस्ल राठी की गाय से 12 भ्रूणों का एकत्रण कर देशी नस्ल की गायों में प्रत्यारोपित किया गया है। प्रदेश की एकमात्र राठी नस्ल की गाय और थारपारकर नस्ल की गाय को डोनर के रूप तथा 6 अन्य गायों का पालन किया जा रहा हैं। भविष्य में उपयोग के लिए तीन भ्रूण संरक्षित किये गये हैं। भ्रूण प्रत्‍यारोपण तकनीक का उपयोग कर देशी नस्‍लों की अनुवांशिकता में सुधार कर दुग्‍ध उत्‍पादन में वृद्धि का प्रयास है। इस तरह देशी गायों को पशुपालकों के लिए लाभकारी बना उनके पालन के लिए प्रेरित, प्रोत्साहित करने की कोशिश है। उन्होंने बताया कि भ्रूण प्रत्यारोपण कार्य म.प्र. राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के तकनीकी दल द्वारा संपादित किया गया।