बेगमगंज। जहां एक ओर सरकार के आदेश से सार्वजनिक स्थानों शासकीय सम्पत्तियों पर किसी भी तरह के फ्लेक्श बैनर या बोर्ड आदि बिना कलेक्टर की अनुमति के नहीं लगाए जा सकने के निर्देश पर करीब 6 माह पहले नपा ने ऐसे सभी बैनर फ्लेक्श बोर्ड आदि हटवा कर दीवारों आदि पर लिखे स्लोगन पुतवा दिए थे बावजूद उसके तहसील कार्यालय की बाउंड्री पर ही हाई कोर्ट बैंच सर्किट बैंच की मांग को लेकर कुटेशन लिखवाया जाकर संबंधित वकील राजेश व्यास का नाम भी अंकित किया गया है। वहीं उसके पास ही देश में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग का भी कुटेशन लिखा गया है।
यह अधिकारियों की अनदेखी कहा जाए या फिर बार बार हो रहे अधिकारियो ंके स्थानान्तर की वजह कि जहां सभी शासकीय भवनों या परिसर की दीवारांे पर सिर्फ शासकीय योजनाओं के कुटेशन लिखकर प्रचार प्रसार के बोर्ड या दीवार लेखन ही शेष रह गए है वही तहसील परिसर की दीवार पर एक वकील के जरिए लिखवाया गया कुटेशन नहीं मिटाकर अन्य लोगो को शासकीय परिसर की दीवारांे पर प्रचार प्रसार के लिए दीवार पेंटिग कराने की छूट दी जा रही है।
यदि उक्त दीवार पेंटिग के लिए यदि अनुमति ली गई थी तो कितने समय के लिए या फिर बिना अनुमति के लिखवाया गया है तो फिर पुतवाया क्यों नहीं गया यह जन चर्चा अब होटले खुलते ही उन पर होने लगी है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले तहसील भवन के अंदर ही टिफिन सेंटर का पम्पलेट लगाकर प्रचार आदि किए जाने की शिकायत पर तत्कालीन एसडीएम अखलेश जैन द्वारा उसे भी हटवा दिया गया था तथा अन्य सरकारी भवनांे की दीवारों या भवन पर लगे इस तरह के सभी पोस्टर बैनर आदि हटवाए गए थे।
