बेगमगंज। कहने को तो जिले की सबसे बड़ी तहसील बेगमगंज है लेकिन नगर में एक भी स्थान पर पार्किंग जोन नहीं होने से लोग अपने वाहन सड़क किनारे या दुकानों के सामने खड़ा करते है जिससे आवागमन में लोगो को खासी परेशानियांे का सामना करना पड़ता है। दुकानों के सामने वाहन खड़े होने से दिन में कई बार जाम की स्थिती बनती बिगड़ती रहती है। ट्राफिक पुलिस व अन्य पुलिस अधिकारियों के द्वारा चलाई जा रही मुहिम के बावजूद जब तक पुलिस रहती है उतनी देर तो लोग अपने दो पहिया वाहन यहां वहां खड़ा कर आते है उनके जाते ही स्थिती जस की तस हो जाती है।
अन लाॅक डाउन होते ही जनता भी अनलाॅक हो गई है और बाजारों में हाट बाजार के दिन जैसी भीड़ प्रतिदिन खरीदारी करने उमड़ रही है। इन दिनांे सभी समाजों मंे शादियों का सीजन भी चल रही है जिसके कारण भी बाजार में भीड़ अधिक दिखलाई दे रही है। जहां विशेषकर दो पहिया वाहनों की कोई पार्किंग नहीं होने से दुकानों के सामने ग्राहकों के दो पहियावाहन खड़े करने से आवागमन में खासी परेशानी उस समय हो जाती है जब कोई चार पहिया वाहन या टैªक्टर ट्राली के साथ निकलत है तो जाम लग जाता है और आमजन परेशान होते रहते है। ऐसे मे ंकिसी मरीज को ले जा रहा वाहन भी फंस जाता है।
मुख्य सागर भोपाल मार्ग पर ही अधिकतर बैंक है जिनके पास भी पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से अधिक ग्राहक आने पर सड़क के दोनो ओर वाहनों की लम्बी कतारे लगती है। तो वहीं एक बैंक गल्र्स स्कूल रोड पर होने से वहां भी यही स्थिती बनती है।
सबसे अधिक जाम की स्थिती पुराना स्टैड से गांधी बाजार तक और वहां से गल्र्स स्कूल रोड से बस स्टैंड तक सामने आ रही है तो यही हाल मुख्य सागर भोपाल मार्ग का भी है।
होते है विवादः- वाहन पार्किंग नहीं होने और लोगो के जरिए यातायात नियमों की अनदेखी करने के कारण कई बार विवाद की स्थिती निर्मित होती हैं तब दुकानदार को अपनी दुकानदारी छोड़कर विवाद सुलझाना पड़ता है।
सुझावः- यदि प्रशासनिक अधिकारी चाहे तो मुख्य सागर भोपाल मार्ग पर वाहनों के खड़ा करने के लिए दशहरा मैदान, जनपद का मैदान और सागर रोड पर कृषि फार्म के सामने या गढ़ोईपुर स्कूल परिसर मंे तो गांधी बाजार रोड के लिए मुख्य गांधी बाजार मार्ग पर सब्जी मार्केट से आगे, तो गल्र्स स्कूल रोड पर चैपड़ा कालोनी परिसर में दो पहिया चार पहिया वाहन पार्किंग अस्थाई तौर पर करवा कर इस शादियों के सीजन में जाम लगने से निजात दिला सकते है।
