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विकास और पर्यावरण में संतुलन आवश्यक, पर्यावरण बचाना है तो पेड़ लगायें


भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि यह धरती केवल मनुष्यों की नहीं है, अपितु इस पर पशु-पक्षी, कीट-पतंगे, नदी-तालाब, समुद्र आदि सभी का अधिकार है। विकास की अंधी दौड़ में मनुष्य ने प्रकृति का अंधाधुंध शोषण किया। जंगलों का सफाया किया। कारखानों के जहरीले उत्सर्जन ने वातावरण को प्रदूषित किया। वहीं खेती में रासायनिक खादों एवं कीटनाशकों के प्रयोग ने जल एवं खाद्य साम्रग्री को दूषित कर दिया। वस्तुत: यह विकास नहीं विनाशकारी है। विकास और पर्यावरण में संतुलन परम आवश्यक है।

यदि हमें अपने पर्यावरण को बचाना है तो पेड़ लगाना होंगे। पेड़ न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं, हमें भोजन प्रदान करते हैं अपितु भूमि का जल स्तर बढ़ाते हैं तथा जल को संग्रहित करके रखते हैं। पेड़ों के कारण ही नदियों में जल बहता है।

मुख्यमंत्री  चौहान ने आज सुभाष मंच हरदा द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर आयोजित वृहद वृक्षारोपण का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सैद्धांतिक शुभारंभ किया तथा इसके पश्चात संस्था के सदस्यों को वीसी के माध्यम से संबोधित भी किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री कमल पटेल तथा हरदा जिले से वीडियो कान्फ्रेंसिंग में संस्था के संयोजक  गौरीशंकर मुकाती आदि उपस्थित थे।