भोपाल। सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम तथा विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री श्री ओमप्रकाश सखलेचा ने बैतूल की प्राकृतिक संपदा का उपयोग उद्योग लगाने में करने की जरूरत बताई है। श्री सखलेचा बुधवार को बैतूल में उद्योग संघ प्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
मंत्री श्री सखलेचा ने कहा कि औद्योगिक के विकास के लिये अधिक से अधिक भूमि का अधिग्रहण किया जाए तथा नवीन पॉलिसी के अनुरूप उद्योगपतियों के समूह बनाकर उन्हें अविकसित भूमि प्रदान की जाए। उन्होंने जिले की कृषि, वन उद्यानिकी उत्पादन के कलस्टर बना कर उद्योगों की स्थापना करने के निर्देश भी दिए। श्री सखलेचा ने कहा कि जिले में वन आधारित वुड़न (लकड़ी) फर्नीचर, बांस आधारित कपड़ा निर्माण के लिये उद्योगपतियों को प्रेरित करें एवं नवीन तकनीक विकसित करें। चोरडोगरी, सुखाढ़ाना में समूह तैयार कर फलाई एस कलस्टर विकसित करें जिसे विभागीय सुविधा से भी जोडा जाए।वन एवं वन आधारित औषधीय पौधों का कलेक्शन तथा महुआ, गुल्ली वन आधारित उपजों की औद्योगिक इकाईयां स्थापित करना तथा 40 लाख से कम टर्न ओवर वाले उद्योगों को जीएसटी से पृथक रखने के लिये निर्देशित किया गया।
जिले में खाद्य प्रसंस्करण, मेकेनिकल, प्लास्टिक, वुड़न फर्नीचर, सीमेंट, वन आधारित उद्योगों को अधिक से अधिक स्थापित करने हेतु कलेक्टर बैतूल एवं महाप्रबंधक उद्योग विभाग को स्थानीय बड़े व्यापारियों की बैठक आयोजित करने एवं उद्योग लगाने हेतु प्रेरित करने के लिए निर्देशित किया।
श्री सखलेचा ने परम्परागत खेती से हटकर नेपियर ग्राम (घास) लगाने तथा कृषकों को अधिक से अधिक आय एवं कृषि लाभ का व्यवसाय करने हेतु प्रेरित करने की भी जरूरत बताई।उन्होंने बताया कि एमएसएमई में स्वास्थ्य सुविधाओं को जोड़ा गया है। गुणवत्तापूर्वक सुविधा उपलब्ध कराने हेतु चिकित्सालय स्थापित करने शासन भमि उपलब्ध करायेगा एवं अनुदान स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदान करने का आश्वासन दिया गया। उद्योगपतियों को नवीन प्रौद्योगिकी के अनुसार उद्योग स्थापित करने एवं गुणवत्तापूर्वक उत्पादन करने का आग्रह किया गया।
