ताला टूटा न दरवाजे-खिड़कियां, दीवार भी सलामत, फिर भी पीडब्ल्यूडी के 12 शेड दफ्तर से सिर्फ एमबी की चोरी का दावा
भोपाल। करोड़ों रुपए के एसडी (सिक्योरिटी डिपॉजिट) घोटाले से जुड़ी करीब 200 एमबी (मेजरमेंट बुक) की 12 दफ्तर स्थित पीडब्ल्यूडी (ईएंडएम)आॅफिस से चोरी हो गई है। हालांकि आॅफिस के दरवाजे-खिड़कियां नहीं टूटे और शेड के साथ दीवारें भी सही सलामत है। बावजूद तथाकथित चोर लाखों रुपए के सामान के बजाय अलमारी से छांटकर सिर्फ घोटाले से जुड़ी एमबी ही ले गए। खास यही कि घोटाले का खुÑलासा होने के बाद आगे की कार्रवाई के लिए ईओडब्ल्यू को सौंपा जा चुका है। अब इसी घोटाले से जुड़ी 200 मेजरमेंट बुकों की रहस्यमयी चोरी हो गई है।
ज्ञात हो कि बीते करीब दर्जनभर ठेकेदारों की करीब ढ़ाई करोड़ रुपए की एसडी (सिक्योरिटी डिपॉजिट) इंजीनियर और बाबुओं ने अपने रिश्तेदार चार ठेकेदारों के खातों में ट्रांसफर करके हड़प ली। इसकी भनक नवंबर 2021 में लगने के बाद ठेकेदारों ने शिकायत की, जिसके बाद शुरू हुई जांच मेंं एक करोड़ रुपए से ज्यादा हड़पने का खुलासा हो चुका है। इसके बाद यह मामला प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी नीरज मंडलोई ने ईओडब्ल्यू को सौंप दिया है। वहीं इसी मामले से जुड़ी करीब 200 एमबी की तथाकथित चोरी की सूचना कार्यपालन यंत्री अरविंद चौहान ने टीटी नगर थाने में बीते सोमवार को दी,जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर जांच की। हालांकि टीटीनगर थाना प्रभारी चैन सिंह रघुवंशी का कहना है कि मौका मुआयना में चोरी होने की पुष्टि नहीं हुई है, सारा आॅफिस चारों तरफ से बंद है और सारा सामान भी सही सलामत है। सिर्फ अलमारी खोलकर एमबी की ही चोरी शंकास्पद है, फिर भी जांच कर रहे हैं।
एसडी घोटाले की जांच में दोषी
ज्ञात हो कि टेंडर मंजूरी के बाद ठेकेदार से एसडी (सिक्योरिटी डिपाजिट) विभाग जमा करवाता है। यह राशि ठेका कार्य पूर्ण होने के एक साल बाद ठेकेदार के आवेदन को वेरीफाई करके भुगतान आदेश जारी होता है। इस राशि को वास्तविक ठेकेदारों के बजाय सिर्फ चार चहेते ठेकेदारों के खाते में ट्रांसफर की गई, जिनमें सोनी इलेक्ट्रीकल्स, सागर एसोसिएट्स, विश्व इंफा्रटेक और पलाश इलेक्टीकल्स हैं। इसकी विभागीयजांच के बाद तत्कालीन प्रभारी कार्यपालन यंत्री वीके मनवानी, संभागीय लेखाधिकारी एके पाठक, वरिष्ठ लेखा लिपिक उल्लास मजूमदार, कंप्यूटर आॅपरेटर गगन रजक दोषी को दोषी माना गया हैं।
पीडब्ल्यूडी में एसडी घोटाले संबंधी विभागीय जांच सहित फाइल आई है, जिसका परीक्षण करने े बाद एफआईआर दर्ज होगी। कब से शुरू हुआ, कौन-कौन शामिल हैं आदि की जांच होगी।
अजय शर्मा, महानिदेशक, आर्थिक अपराध
एसडी में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद मामला ईओडब्ल्यू को दिया गया है। अब चोरी की सत्यता के बारे में जांच करवाएंगे। इस मामले से जुडेÞ सारे इंजीनियर और स्टाफ को भी हटाया जाएगा।
नरेंद्र कुमार, ईएनसी, पीडब्ल्यूडी
