लोकायुक्त सागर की टीम ने वीडियो बनाकर रंगे हाथ पकड़ा
भोपाल। सड़क निर्माण का भुगतान मंजूर करके जारी करने के बदले 6 लाख रुपए के चेक और 1 लाख रुपए नगद रिश्वत ले रहे पीडब्ल्यूडी के पन्ना उपयंत्री को लोकायुक्त पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्Þतार किया है। लोकायुक्त ने रिश्वत मांगने से लेकर लेने तक की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की है।
इस बारे में लोकायुक्त सागर एसपी रामेश्वर यादव ने बताया कि पन्ना में करीब एक करोड़ रुपए की लागत से सड़क निर्माण किया गया है। इसका ठेका रतन इंफ्रा कंपनी को मिला था, जिसका 25 प्रतिशत का पार्टनर शिकायतकर्ता अजय मिलन पांडे, अजयगढ़, जिला पन्ना है। पन्ना में सडक निर्माण के बाद करीब 90 प्रतिशत भुगतान हो चुका है, लेकिन बाकी भुगतान के लिए उपयंत्री मनोज रिछारिया ने 10 लाख रुपए मांगे। इसमें से 3 लाख रुपए वसूलने के बाद उपयंत्री रिछारिया ने बाकी 7 लाख रुपए देने पर ही भुगतान जारी करने की शर्त रखी , तब ठेकेदार पांडे ने कहा कि उसके खाते में पैसे ट्रांसफर होने के बाद निकाल कर दे देगा। लेकिन उपयंत्री रिछारिया ने कहा बाद में नहीं दोगे, तब यह दोनों में करार हुआ कि अभी एडवांस में चेक दे दो और जैसे ही खाते में राशि पहुंच जाएगी तो निकालकर नगद दिए जाएंगे। इसके बाद 6 लाख और 2 लाख रुपए के चेक तथा 1 लाख रुपए नगद देने का तय हुआ और जैसे ही उपयंत्री ने चेक और नगदी लिए, वैसे ही लोकायुक्तटीम ने धर दबोचा।
चेक और नोट के नंबर लिखे गए थे और उनपर पाउडर लगा होने से उपयंत्री के हाथ लाल हो गए। इस पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। इस मामले की पहले दिन से ही वीडियो रिकॉर्डिंग करवाई है।
रामेश्वर यादव, एसपी, सागर लोकायुक्त

