मंत्रालय कर्मचारी संघ ने सरकार पर लगाया विफल होने का आरोप
भोपाल। केंद्र और राज्य सरकार का दावा है कि नई पेंशन स्कीम (एनपीएस) बहुत अच्छी है तो सबसे पहले विधायकों और सांसदों पर लागू की जाए। उसके बाद ही कर्मचारियों पर लागू हो, अन्यथा कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाल की जाए।
यह मांग करते सोमवार को राज्य मंत्रालय कर्मचारी संघ ने वल्लभ भवन के सामने प्रदर्शन किया। इसके साथ ही ज्ञापन की प्रति मुख्यमंत्री को प्रेषित करके पुरानी पेंशन बहाली की मांग की गई। इस मौके पर संघ अध्यक्ष आशीष सोनी, कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार पटेल, सरस्वती वर्मा, विक्रम बाथम, हरिशरण द्विवेदी, प्रियंक श्रीवास्तव, सावित्री बाई, हेमा अहिरवार, अनिल मंडलोई, पवन सिकरवार, यज्ञसेन वर्मा, संदीप शर्मा, अनिल मंडलोई, संतोष बड़ोदिया, ठाकुरदास प्रजापति, महेश धौलपुरिया, चंदा मरावी, आलोक वर्मा, राधा मोहन आदि थे।
मप्र में क्यों हो रही है देरी
मंत्रालय कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार पटेल ने कहा कि गलती सुधारते हुए अभी तक राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड आदि राज्यों में पुरानी पेंशन लागू की जा चुकी है, ऐसे में मध्यप्रदेश सरकार भी पुरानी पेंशन बहाली करे। पटेल ने कहा कि कर्मचारियों के हितों का सरंक्षण करने में मध्यप्रदेश सरकार विफल साबित हो रही है, जिसके चलते महंगाई भत्ता, अनुकंपा नियुक्ति, मंत्रालय भत्ता, मेडिकल बिल आदि के मुद्दे पर सरकार ने कर्मचारियों के साथ वादाखिलाफी की है।


