टेस्टिंग प्लांट शुरू होने पर नगर परिषद ने मनाया जश्न ..
बरेली। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की महत्वकांक्षी योजना मुख्यमंत्री जल आवर्धन योजना बरेली के लिए नर्मदा नदी बगलबाड़ा से साल 2016 में स्वीकृत की गई थी इसके लिए बाकयदा 26 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गए थे और इस योजना को 18 माह में पूर्ण कर बरेली नगर के 15 वार्डो में नर्मदा जल पहुचाना था लेकिन 18 माह छोड़िए 7 साल बाद भी बरेली नगर को नर्मदा जल नही मिल पाया और नगर में जल सप्लाई का काम देख रही इंडियन ह्यूम पाइप के ठेकेदार का 90 फीसदी भुगतान कर दिया अब सवाल उठता है । जब काम पूरा नही हुआ तो इतनी राशि का भुगतान आखिर कैसे ओर किसने किया।
नई बनी परिषद के अध्यक्ष हेमन्त चौधरी ने बन्द पड़ी इस योजना को ठेकेदार पर दबाव बनाकर शुरू तो करवाई लेकिन 6 माह में सिर्फ बगलवाड़ा जल शोधन संयंत्र को चालू करवा पाए बरेली नगर से पानी अब भी कोसो दूर है । नगर में जहां तीन बड़ी टँकी बनना थी वहां दो टँकीयो का निर्माण तकरीबन 70 हजार जनसंख्या बाले नगर में कैसे दो टँकी पानी सप्लाई कर पायेगी यह विचारणीय तथ्य है । नगरपरिषद के पूर्व कार्यकाल में शुरू हुई इस योजना में जबरदस्त भ्र्ष्टाचार हुआ है। कई बार शिकवा शिकायतों के बाद 7 साल बाद इस योजना पर काम शुरू हुआ लेकिन नगर में पानी सप्लाई कब तक होगी यह अभी तय नही है या ठेकेदार का बकाया 4 करोड़ पेमेंट को निकालने के लिए इतनी कवायद की जा रही है । बरेली नगर के बाशिंदों को आखिर कब तक पानी नसीब होगा या फिर भ्र्ष्टाचार की भेंट चढ़ जाएगी यह योजना।