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टैक्स सरलीकरण, पार्किंग और वैट खात्मा हो तो बढे व्यापार

भोपाल चेंबर आॅफ कॉमर्स के अध्यक्ष पाली समर्थित कार्यकारिणी का एक साल पूरा होने पर पेश किया ब्यौरा

भोपाल। राजधानी के बाजारों में पार्किंग सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है, खासकर पुराने भोपाल की पार्किंग में महीनों और सालो से वाहन खडेÞ होने के साथ ही गैरेज बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है। इससे ग्राहकों के लिए पार्किं ग नहीं मिलती। इसके अलावा टैक्सेशन में सरलीकरण और वैट खात्मा नहीं होने से व्यापार में जोखित बढ़ता जा रहा है। 

यह कहना है भोपाल चेंबर आॅफ कॉमर्स इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष तेजकुलपाल सिंह पाली का, जोकि बुधवार को कार्यकारिणी का एक साल पूरा होने पर ब्यौरा पेश कर रहे थे। साथ में चैंबर के मुनिंद्र वैध, मनीष सोगानी, जयंत डागा, कृष्णकुमार बांगड़, संजीव जैन, अजय देवनानी, रोहित जैन, आदित्य जैन, आकाश गोयल, अरविंद सुपारी, प्रदीप बीनस, दीपक पसारी, सुनील  सिंघई, प्रदीप सेवानी, सीए वैभव जैन, अजय लाला, कमल पंजवानी, हेमंत अग्रवाल, अमित बिंदल, गोपाल सोनी, मुरली हरवानी, सुलभ मित्तल,  कृष्णगोपाल गट्टानी आदि थे। पाली ने कहा कि पार्किंग की समस्या समाधान के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलेंगे। साथ ही स्मार्ट सिटी एरिया में व्यापारियों को जगह देने की मांग करेंगे। 

यह मांगें/ समस्याएं गिनाई गर्इं

  • इंदौर की तरह भोपाल में भी इंवेस्टर्स समिट हो। इससे भोपाल में भी इं्रफ्रास्ट्रक्चर डेवलप होगा और भोपाल व्यापार में नंबर-1 बनेगा। 
  • सरकार का बजट व्यापारियों के हित में हो। जीएसटी और आयकर से जुड़े मामलों में राहत दी जाए। जीएसटी दे रहे हैं तो वैट खत्म किया जाए। 
  • आयकर में भारी भरकम पैनाल्टी की वजह से व्यापारी परेशान होते हैं। इसको कम करके जितना पेनाल्टी में ब्याज लेते हैं, वही दिया जाए। 
  • हर साल 500 व्यापारिक सदस्य चेंबर से जोड़ेंगे। अभी एक साल में साढेÞ चार हजार से ज्यादा सदस्य चैंबर में हैं। 
  • लिकर की तर्ज पर मैक्जीमम प्राइस की तरह मिनीमम प्राइस भी तय हो, ताकि आॅनलाइन या बडेÞ स्टोर के मुकाबले व्यापारी को नुकसान नही हो।