झाबुआ। शीत लहर एवं कड़ाके की ठंड के चलते झाबुआ जिले में मकर संक्रांति 14 जनवरी तक अवकाश घोषित करने की मांग को लेकर जय आदिवासी संगठन ने ज्ञापन सौंपा है। जयस का कहना है कि कड़ाके की ठंड के कारण स्कूल जाने वाले बच्चे बीमार हो रहे हैं, वहीं धुंध के कारण एक्सीडेंट भी हो रहे हैं। ऐसे में सुरक्षा और स्वास्थ्य के मद्देनजर अवकाश घोषित किया जाए।
झाबुआ कलेक्टर के नाम से अपर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने वालों में जयस जिलाध्यक्ष विजय डामोर के साथ जिला आईटी सेल अध्यक्ष अजय बामनिया, रवि भुरिया, मुकेश बरिया, महेश वसुनिया आदि थे। इनका कहना है कि प्रदेश में कड़ाके की ठंड एवं शीतलहर चलने से नर्सरी से कक्षा आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। इसका सबसे अधिक प्रभाव ग्रामीण क्षेत्र के छात्र-छात्राओं पर हो रहा है। पारिवारिक गरीबी के कारण बच्चों के पास गर्म कपड़े एवं पांव में चप्पल जूते तक नहीं हैं, जिससे कि उन्हें स्कूल आने जाने में काफी परेशानी हो रही है। उक्त परिस्थितियों के मद्देनजर प्रदेश के अन्य जिलों की तरह झाबुआ जिले में भी आगामी सात दिनों के लिए अवकाश घोषित किया जाए।
2 सालों से नही मिली आकस्मिक निधि
जयस का कहना है कि जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में विगत 2 वर्षों से शाला आकस्मिक निधि, शाला मरमत निधि, खेल सामग्री आदि मदो मैं किसी भी प्रकार की राशि जारी नहीं की गई। इससे विद्यालयों के प्रभारी ही अपनी क्षमता के अनुसार खर्च कर रहे हैं। इससे बेहद असुविधा हो रही है और वांछित विकास एवं सुधार कार्य भी नहीं हो पा रहे हैं। ऐसे में स्कूलों को आकस्मिक निधि जारी की जाए।

