यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय में दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेंस
भोपाल। बदलती जीवन शैली से होने वाले रोगों से बचाव के लिए यूनानी चिकित्सा पद्धति ही बेहतर है। ऐसे में इस चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने और जनजागरुकता की जरुरत है। यह विचार सोमवार को हकीम सैयद जियाउल हसन शासकीय यूनानी चिकित्सा महाविद्यालय में आयुष मंत्रालय भारत सरकार और राज्य संचालनालय आयुष द्वारा जीवन-शैली से जुड़ी बीमारियों पर दो दिवसीय नेशनल कांफ्रेस में व्यक्त किए गए। इसमें भोपाल के सीएमएचओ डॉ. प्रभाकर तिवारी, डॉ. हकीमुद्दीन मालवी, पूर्व अधीक्षक यूनानी शिफााखाना डॉ. मो. वसीम खान, डॉ. हयाज अली, प्राचार्य प्रोफेसर मेहमूदा बेगम, डॉ सलीम अहमद, डॉ. सुनील वाने, हमदर्द विश्वविद्यालय यूनानी संस्थान के डॉ उमर जहाँगीर, डॉ. एमआईजे यूनानी मेडिकल कॉलेज मुंबई के डॉ. मो. रिजवान, सिद्धांता रेडक्रास हास्पिटल भोपाल के डॉ. सुमित भटनागर, फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनन्त सिंह एवं महाविद्यालय से डॉ. अब्बास जैदी, डॉ. काशिफ अनवर, डॉ. मो रिजवान, डॉ. पूजा श्रीवास्तव, डा. मोहम्मद नसीम खान, डॉ. अजीज सिद्दीकी, डॉ. अहसान अहमद, डॉ. रिजवान ने विभिन्न विषयों पर प्रकाश डाला।


