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सातवें वेतनमान के लिए सड़क पर उतरे स्थाईकर्मी

हजारों स्थाईकर्मियों ने कहा, सरकारी कर्मचारियों के बराबर सुविधाएं चाहिए

भोपाल। सातवें वेतनमान सहित सरकारी कर्मचारियों के बराबर सुविधाएं और दैवेभाग कर्मचारियों को पूर्णकालिक वेतनमान के लिए प्रदेशभर से आए हजारों कर्मचारी राजधानी की सड़कों पर उतरे। साथ ही मांगे नहीं माने जाने पर 25 अगस्त को प्रदेशभर में सामूहिक अवकाश पर रहने का अल्टीमेटम दिया है।

रैली के बाद अंबेडकर मैदान पर हुई सभा को संबोधित करते हुए मप्र स्थाईकर्मी कल्याण संघ के प्रदेशाध्यक्ष शारदा सिंह परिहार और श्रमिक कल्याण महासंघ्ज्ञ के श्रीनिवास तिवारी ने कहा कि विभिन्न विभागों में 15 से 20 सालों से कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को 2006 में स्थायीकर्मी बनाया गया, लेकिन अभी तक सिर्फ मूल वेतन, वार्षिक वेतनवृद्धि और समय-समय पर जारी महंगाई भत्ता दिया जाता है।  इसी तरह निगम मंडलां मे कार्यरत कर्मचारियों को विनियमित नहीं किया जा रहा है। 

इन मांगों के लिए संघर्ष

  • दैवेभो कर्मचारियों को स्थायीकर्मी घोषित करके सातवां वेतनमान दिया जाए। 
  • सरकारी कर्मचारियों के समान ही स्थाईकर्मियों को सुविधाएं दी जाएं।
  • सभी विभागों, निगम मंडल, निकायों, कॉलेज-यूनिर्विसिटी के दैवेभो कर्मचारियों को स्थायीकर्मी घोषित किया जाए।
  • बिना वेतनवृद्धि के वेतन पाने वालों को सभी मूलभूत सुविधाएं और वेतनवृद्धि दी जाए।
  • वर्ष 2016 से मृत्यु के प्रकरणों में अनुकंपा नियुक्त प्रदान की जाए।
  • नगरीय निकायों में 2016  या उसके बाद भर्ती दैवेभो को स्थाईकर्मी घोषित किया जाए।
  • पुरानी पेंशन की बहाली करके लाभ दिया जाए। 
  • वन एवं वन्य प्राणियों की सुरक्षा में लगे आकस्मिक सुरक्षा श्रमिकों एवं कम्यूटर आॅपरेटरों को स्थायीकर्मी किया जाए।