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2 लाख 5 हजार रिश्वत राशि में से पहली किश्त के 5 हजार रुपए लेते हुए महिला पर्यवेक्षक गिरफ्तार

  • खंडवा मे आंगनबाडी सहायिका बनाने के 5 हजार और कार्यकर्ता बनाने के 2 लााख रुपए का रेट फिक्स करके वसूली करने वाले गैंग की जांच शुरू

खंडवा। महिला बाल विकास विभाग के तहत आंगनबाड़ी में सहायिकाओं और कार्यकर्ताओं की नियुक्ति के बदले लाखों रुपए की रिश्वत वसूली जा रही है। इसका खुलासा तब हुआ, जब लोकायुक्त इंदौर की पुलिस टीम ने 2 लाख 5 हजार रुपए की तयशुदा रिश्वत में से पहली किश्त 5 हजार रुपए लेते हुए महिला पर्यवेक्षक को रंगे हाथों पकड़ा। अब लाखों रुपए के बदले नौकरी लगवाने वाले गैंग की जांच शुरु हो गई है।
 




दरअसल इस बारे में आवेदिका श्रीमती सलिता पालवी पति अजेश सिलाले उम्र 27 वर्ष पद-सहायिका, आगनवाडी केन्द्र-1 मोजवारी, महिला एवं बाल विकास विभाग खालवा, निवासी ग्राम मोजवारी, तहसील खालवा, जिला खण्डवा ने इंदौर लोकायुक्त कार्यालय पहुंच पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि आवेदिका ग्राम मोजवारी तहसील खालवा जिला खण्डवा की रहने वाली है। आवेदिका की माह अक्टूबर 2025 में सहायिका के पद पर आगनवाडी केन्द्र 1 मोजवारी में नियुक्ति हुई थी। इसके बाद हाल ही में आवेदिका के गांव मोजवारी में स्थित आगनवाडी केन्द्र-3 में एक कार्यकर्ता का पद रिक्त हुआ है। आवेदिका की पात्रता कार्यकर्ता पद के लिए होने से आवेदिका ने नियमानुसार कार्यकर्ता फार्म महिला एवं बाल विकास विभाग खालवा में जमा करवा दिया था। आवेदिका कार्यकर्ता के पद पर आंगनवाडी केन्द्र-3 में पदस्थ करने के लिये पर्यवेक्षक आरोपिया अजिला मोहे से मिली तो अजिला मोहे ने आवेदिका सलिता पालवी से पूर्व में सहायिका के पद पर नियुक्ति देने के बदले 5 हजार रुपए और कार्यकर्ता के पद पर आंगनवाडी केन्द्र-3 मोजवारी में नियुक्ति देने के एवज में 2 लाख रुपए, यानि कुल 2 लाख 5 हजार रुपए रिश्वत की मांग की गई।


रिश्वत की पहली किश्त 5 हजार रुपए लेते गिरफ्तार

आवेदिका की शिकायत का सत्यापन करवाने पर सही निकली, जिसके बाद पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने ट्रैप दल का गठन किया। इस ट्रैपदल में कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, आरक्षक विजय कुमार आरक्षक शिवप्रकाश पाराशर आरक्षक कमलेश परिहार, आरक्षक आदित्य सिंह भदौरिया आरक्षक मनीष माथुर, महिला आरक्षक अनिता प्रजापति शामिल किए गए। ट्रैप दल ने जहां रिश्वत दी जानी थी, वहां 26 फरवरी को घेराबंदी कर ली। इसके बाद जैसे ही आवेदिका से 5 हजार रुपए रिश्वत के आरोपिया श्रीमती अजिला मोहे पति मदन मोहे उम्र 55 वर्ष पद महिला बाल विकास पर्यवेक्षक (संविदा) सेक्टर सावली, महिला बाल विकास परियोजना खालवा, जिला खण्डवा, मूल निवासी ग्राम मलगांव पोस्ट-खेडी, तहसील खालवा, जिला खण्डवा को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद आरोपिया के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अतर्गत कार्यवाही की गई।


अब तिक हुई नियुक्तियां सवालों के घेरे में

खंडवा जिले में महिला बाल विकास विभाग की नियुक्तियां घेरे में आ गई हैं। लाखों रुपए के बदले कार्यकर्ता और सहायिका की नियुक्ति का खुलासा होने के बाद अब बीते सालों में आंगनबाड़ियों में की गई नियुक्तियों की भी जांच की मांग उठ रही है। वहीं लोकायुक्त के सूत्रों का कहना है कि रिश्वत लेते पकड़ी गई पर्यवेक्षक के साथ ही नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल रहने वाले सभी अधिकारी और कर्मचारियों को भी क्रास चेक करने की तैयारी है।

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