- गिरदावरी नहीं होने से किसानों के पंजीयन में रुकावट खत्म करने के साथ ही सोसायटी की ड्यूृ डेट बढ़ाने सहित सात सूत्री मांगें
बैरसिया। भारतीय किसान संघ बैरसिया तहसील के बैनर तले किसानों ने तहसील कार्यालय तक रैली निकालने के बाद सात सूत्री मांग पत्र सौंपा। इसमें मुख्यतौर पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2700 रुपए क्विंटल करने के साथ ही गिरदावरी नहीं होने से किसानों के पंजीयन में आ रही रुकावट और सोसायटी की ड्यू डेट बढ़ाने के मुद्दे शामिल हैं।

किसानों ने गुरुवार को बैरसिया में नारेबाजी करते हुए रैली निकाली और बैरसिया तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां पर नायब तहसीलदार राजेंद्र त्यागी को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित सात सूत्री ज्ञापन सौंपा। इसमें जिला भारतीय किसान संघ के जिला अध्यक्ष अध्यक्ष गिरवर सिंह राजपूत, जिला मंत्री देवेंद्र सिंह दांगी, जिला सह मंत्री राजन सिंह ठाकुर, जिला कोषाध्यक्ष भारत मीणा, तहसील अध्यक्ष शैतान सिंह राजपूत, जिला कार्यकारिणी सदस्य ओंकार सिंह सोलंकी, धीरज सिंह दांगी, राजाराम मेहर, नजीराबाद तहसील अध्यक्ष लोकेंद्र सिंह सोलंकी, तहसील कार्यकारिणी सदस्य हेम सिंह दांगी, अशोक यादव, जीवन सिंह दांगी, महेश शर्मा, मोहन सिंह राजपूत, सुमेर सिंह राजपूत, हरिनारायण गुर्जर, माधोसिंह दांगी, भानु प्रताप सिंह ठाकुर, धीरज सिंह दांगी, वंन्टी मैहर सागोनीकला, प्रेम सिंह दांगी, रावेन्द्र सिंह दांगी गरैटिया, राजाराम मैहर, लवकुश सिंह दांगी, रामनारायण दांगी भैंसोदा, देवी सिंह दांगी रैहटई, भानू प्रताप सिंह राजपूत, धूर सिंह गुर्जर खजूरिया रामदास सहित बड़ी संख्या में किसान शामिल रहे।
15 रुपए के बजाय 100 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दे सरकार
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह दांगी ने बताया कि मध्यप्रदेश में मंडियों में 2600 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। दरअसल केंद्र सरकार 2585 रुपए प्रति क्विंटल का दाम दे रही है, जिसमें महज 15 रुपए प्रति क्विंटल राज्य सरकार मिलाकर अभिनंदन करवा रही है। दूसरी ओर पड़ोसी राज्य राजस्थान में गेहूं का समर्थन मूल्य 2735 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा है, जिसमें राज्य सरकार 150 रुपए प्रति क्विंटल बोनस दे रही है। किसानों की मांग है कि प्रति क्विंटल कम से कम 100 रुपए प्रति क्विंटल का समर्थन मूल्य किसानों को भुगतान किया जाए।
गिरदावरी में देरी के कारण पंजीयन की तारीख बढ़ाई जाए
भारतीय किसान संघ के बैरसिया तहसील मीडिया प्रभारी माधो सिंह दांगी ने इस मौके पर कहा कि तहसील के साथ ही दूसरे जिलों में भी गिरदावरी नहीं होने से किसानों के पंजीयन नहीं हो पा रहे हैं। इसके अलावा सर्वेयरों का भुगतान भी अटका है। ऐसे में पंजीयन की तारीख बढ़ाई जाए। इसके साथ ही सोसायटी की ड्यू डेट बढ़ाई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि सौर ऊर्जा में 90% सब्सिडी का झांसा देकर लोन करवाए जा रहे हैं। इसको रोका जाकर जांच करवाई जाकर कार्रवाई की जाए। माधो सिंह ने कहा कि इस साल असमय बारिश और आंधी से गेहूं, चना, सोयाबीन और मटर आदि की फसलें चौपट हो चुकी हैं।
गांव-गांव में चल रही हैं आंदोलन की तैयारियां
भारतीय किसान संघ के जिला मंत्री देवेंद्र सिंह दांगी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार किसानों को हंसी का पात्र बना रही है, जिससे किसानों में जबर्दस्त आक्रोश है। ऐसे में बडेÞ आंदोलन की तैयारी के लिए गांव-गांव में किसानों की चौपालें हो रही हैं। किसानों का साफ कहना है कि सरकार की घोषणाओं के बाद उन पर अमल नहीं होता है, जिससे किसानों और मंडी कर्मचारियों के बीच झड़प होती रहती है। किसान चौपालों में विश्राम सिंह, मप्र पटेल समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रामकिशोर पटेल, प्रीतम सिंह दांगी, सरपंच प्रतिनिधि श्यामलाल कुशवाह, कुबेर सिंह, लवकुश सिंह दांगी, माधो सिंह दांगी, अंकित सिंह दांगी, राजवीर सिंह मीना, सुधीर सिंह जाट, हेम सिंह दांगी, कमलेश नरवरिया विजय राम, प्रकाश सिंह, राकेश सेन, कुलदीप सिंह, मुकेश सिंह, भूपेन्द्र सिंह, श्यामलाल मालवीय, रवि सिंह दांगी, विजय सिंह दांगी, दशरथ सिंह दांगी, धनराज सिंह दांगी आदि शामिल रहे।