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सीईओ मैडम के लिए 5% और लेखाधिकारी स्वयं के 2% घूस के 10 हजार रुपए लेते हुए गिरफ्तार

  • जनपद पंचायत भगवानपुरा, जिला खरगोन कार्यालय में लोकायुक्त इंदौर टीम की रेड में दूसरी बार रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ गया लेखाधिकारी

खरगोन।
सीसी रोड और चेक डैम निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाने के बदले जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी के लिए 50 हजार और लेखाधिकारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई। इस पर लोकायुक्त पुलिस ने जाल बिछाया और रिश्वत लेते लेखाधिकारी को रंगे हाथों धर दबोचा। रिश्वतखोर पहले 10 हजार रुपए ले चुका था, दूसरी बार फिर 10 हजार लेते पकड़ा गया है।                                                                            




इस बारे में लोकायुक्त इंदौर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय ने बताया कि शिकायतकर्ता राजेश पंवार पिता गोविंद जी पंवार, धंधा ठेकेदारी, निवासी बिष्टान जिला खरगोन ने लोकायुक्त कार्यालय आकर शिकायत की।

इसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि वह ग्राम बिष्टान जिला खरगोन का निवासी है। वह दूसरे ठेकेदारों से लेबर रेट पर काम लेकर करता है। उसने स्वयं का ठेकेदारी का काम करने की शुरुआत की है। इसके लिए ग्राम पंचायत हीरापुर के सीसी रोड और चेक डैम का कार्य करने के लिए पंचायत से ठहराव प्रस्ताव बनवाकर फाइल लेखाधिकारी आरोपी महेंद्र सिंह चौहान को दिनांक 20 जनवरी 2026 को दी तो उसने उसी समय 10,000 रु ले लिए और कहा कि सीईओ मैडम के 5 प्रतिशत और मेरे 2 प्रतिशत लगेंगे। कुल 10 लाख का काम है तो सीईओ मैडम कंचन डोंगरे का 50000 रुपए बनेगा। नहीं तो फाइल नहीं होगी और काम नहीं कर पाओगे।

दो फाइलें मंजूरी के बदले 10 हजार रुपए और मांगे गए

शिकायत का सत्यापन करवाया गया तो सही पाए जाने के बाद जाल बिछाया गया। इसके बाद आवेदक ठेकेदार फिर से दो और नई फाइल करवाने की बात की। इस पर आरोपी लेखाधिकारी चौहान ने नई 2 फाइल स्वीकृत कराने के एवज में 10 हजार रुपए और मांगे। इस पर आवेदक ने अंबाह पंचायत सरपंच से 2 नए काम के ठहराव प्रस्ताव मंजूर करवाए और आज उनकी फाइल भी स्वीकृत कराने के बदले आरोपी लेखाधिकारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत राशि के साथ देना तय हुआ।

ट्रैप टीम ने घेरा और खरगोन में रिश्वत लेते दबोचा

रिश्वत लेन-देन तय हो जाने के बाद लोकायुक्त का ट्रैप दल बनाया गया। इसमें उप पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर सुनील तालान, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक चंद्रमोहन बिष्ट, आशीष नायडू, रामेश्वर निंगवाल, शैलेन्द्र सिंह बघेल, कमलेश तिवारी, प्रभात मोरे शामिल थे। इस टीम ने रिश्वत के आदान प्रदान वाली जगह को घेर लिया और आवेदक को रिश्वत देने भेजा। इसके बाद जैसे ही लेखाधिकारी ने रिश्वत ली, वैसे ही ट्रैप दल ने लेखाधिकारी महेंद्र सिंह चौहान को आवेदक राजेश पंवार से 10000 रुपए लेते हुए खरगोन में रंगे हाथ पकड़ा गया। इसके बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अतर्गत कार्यवाही की गई।

सीईओ के अब तक के कामों की होगी जांच

रिश्वत कांड के बाद जनपद पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी कंचन डोंगरे घेरे में आ गई हैं। लोकायुक्त पुलिस सूत्रों के अनुसार अभी तक मंजूर हुए और रोके गए कामों की फाइलों को क्रास चेक किया जाएगा। साथ ही ठेकेदारों से भी पूछताछ होगी, ताकि उनकी फाइलें तत्काल मंजूर होने या अटकने के बारे में स्थिति साफ हो सके।

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