- पुलिस प्रशिक्षण शाला रीवा के पुलिस अधीक्षक ने रील बनाने वाले 6 नव आरक्षकों को थमाया कारण बताओ नोटिस
भोपाल। पुलिस मुख्यालय की सख्त मनाही के बाद भी वर्दी में रील बनाने वाले 6 नव आरक्षकों को नोटिस थमाते हुए जवाब तलब किया गया है। इन आरक्षकों ने रील बनाते हुए एक्टिंग करके डायलॉग मारा है कि-शकल अच्छी नही है तो क्या हुआ, सरकारी नौकरी तो है...हमारे पैसा नहीं है तो क्या हुआ, मंथली तो आता है ना...हमारे पास कपड़ा नही है तो क्या हुआ, वर्दी तो है ना।

इस बारे में पुलिस प्रशिक्षण शाला रीवा के पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन ने रील बनाने वाले 6 नव आरक्षकों को नोटिस जारी किया है, क्योंकि यह सभी नव आरक्षक फिलहाल रीवा की पुलिस प्रशिक्षण शाल में ट्रेनिंग ले रहे हैं। इस नोटिस में याद दिलाया गया है कि पूर्व में कई बार पुलिस मुख्यालय से लेकर जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालयों तक से स्पष्ट निर्देश जारी हो चुके हैं। इनमें वर्दी में रील बनाने या अभिनय करने आदि पर सख्ती से रोका गया है। बावजूद 6 नव आरक्षकों ने वर्दी में ही आपत्तिजनक रील बना कर सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट भी कर दी। इसके बाद 5 हजार से ज्यादा लोगों ने इस रील को देखा और नकारात्मक कमेंट्स भी आए।
इन रीलबाज आरक्षकों को नोटिस
-अनिल कडोदिया पदस्थापना जिला देवास
-आनंद कुलवरे पदस्थापना जिला इंदौर
-प्रदीप यादव पदस्थापना जिला उज्जैन
-राजकुमार सैंधव पदस्थापना जिला उज्जैन
-मोनू सतबाढिया पदस्थापना जिला उज्जैन
-सुरजीत गर्ग पदस्थापना जिला विदिशा
मटियामेट ग्रुप में पोस्ट, 5 हजार लोगों ने देखा
नव आरक्षकों की पोस्ट को एक्स के मटियामेट ग्रुप में पोस्ट किया गया है, जिसकों नोटिस जारी करने से पहले 25 फरवरी की रात 8:00 बजे तक 5 हजार 31 लोगों ने देखा। इसके साथ ही पुलिस को लेकर नेगेटिव कमेंट्स भी आए हैं। नतीजे में पुलिस विभाग की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा और मखौल के हालात हो गए। इसकी जानकारी मिलने पर नोटिस जारी करके तत्काल जवाब तलब किया गया।
नोटिस का जवाब मिला, परीक्षण जारी
शुरुआती जांच में सामने आया है कि कथानक इनका नही है, बल्कि किसी दूसरी रील की कॉपी की गई है। वहीं 6 में से 5 नव आरक्षक ग्रामीण पृष्ठभूमि से हैं। इसके मकसद और असर के बारे में ज्यादा पता नहीं था। ऐसे में समस्त 6 नव आरक्षकों से नोटिस का जवाब मिल गया है, जिसका परीक्षण करके निर्धारण किया जाएगा।
-सुरेंद्र जैन, पुलिस अधीक्षक, पुलिस प्रशिक्षण शाला, रीवा