- 16 यात्री बसों को बिना टैक्स जमा किए संचालन के बाद कबाडे में बेचकर टैक्स हड़पा, आरटीओ से टैक्स वसूली की फाइल तक गायब करवा दी गई
डिंडौरी/ जबलपुर। यात्री बसों को बिना टैक्स चुकाए सालों तक संचालन के बाद बसों को कबाडेÞ में बेच दिया गया, जब टैक्स वसूली की कार्रवाई शुरु हुई तो टैक्स वसूली वाली फाइल ही गायब करवा दी गई। यह मामला डिंडौरी आरटीओ का है, जिसका खुलासा करके ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) ने बस मालिकों के साथ आरटीओ डिंडौरी के एक बाबू के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, जबलपुर को ईओडब्ल्यू मुख्यालय भोपाल से एक शिकायत फारवर्ड की गई थी, जिसमें अनावेदक संजय केशवानी एवं साधना केशवानी के नाम पर दर्ज यात्री वाहनो द्वारा बकाया टैक्स होने पर भी वाहनो का परमिट, फिटनेस जिला परिवहन कार्यालय डिंडौरी से जारी करने की डिटेल थी।
संजय और साधना केशवानी के नाम दर्ज मिलीं 16 बसें
इस शिकायत की जांच में पाया गया कि वाहन मालिक संजय केशवानी एवं साधना केशवानी के नाम पर 16 बसे जिला डिण्डौरी, जबलपुर, शहडोल, मण्डला एवं बालाघाट में रजिस्टर्ड थी। इन दोनों वाहन मालिकों द्वारा अपनी इन बसों को डिण्डौरी से जबलपुर, डिण्डौरी से बम्हनी, बिछिया से डिण्डौरी एवं अमरकंटक से मलाजखण्ड तक संचालित किया जाता था।
2006 से 2025 तक का बसों का टैक्स जमा नहीं किया गया
इन 16 बसों में से विभिन्न बसों का वर्ष 2006 से 2025 तक का टैक्स इन वाहन मालिकों द्वारा जमा नहीं किया गया था। इन वाहन मालिकों संजय और साधना केशवानी द्वारा 2006 से इन बसों को कबाड़ में बेच दिये जाने की सूचना जिला परिवहन कार्यालय डिण्डौरी में दे देना बताया गया और परिवहन विभाग को टैक्स देना बंद कर दिया गया।
टैक्स वसूली की फाइल ही आरटीओ से गायब हो गई
वर्ष 2017 से जिला परिवहन कार्यालय डिण्डौरी ने संजय और साधना केशवानी से टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू की। वसूली कार्यवाही के दौरान जिला परिवहन कार्यालय डिण्डौरी के लिपिक पुष्प कुमार प्रधान, सहायक ग्रेड-1 द्वारा इन बसो की टैक्स की फाईलें गायब कर दी गई। टैक्स की फाईल गुम जाने के कारण परिवहन विभाग द्वारा आज दिनांक तक टैक्स नहीं वसूल पाने के कारण शासन को लगभग 9 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति हुई।
9 करोड़ रुपए की चपत लगाने पर दर्ज हुई एफआईआर
संजय केशवानी, साधना केशवानी, एवं सहायक ग्रेड-1 पुष्प कुमार प्रधान द्वारा आपस में अपराधिक षड़यंत्र कर, शासन के साथ धोखाधड़ी करने के आशय से संजय केशवानी एवं साधना केशवानी ने बिना अनुमति प्राप्त किए विवादित वाहनों को नष्ट किया। आरोपियों को लाभ पहुंचाने की नियत से सहायक ग्रेड-1, पुष्प कुमार प्रधान द्वारा अपने पद का दुरूपयोग कर बकाया टैक्स वाहनों की मूल नस्तियों को सुरक्षित नही रखा। शासन को लगभग 9 करोड़ रुपए की आर्थिक क्षति कारित किया जाना प्रमाणित पाये जाने से आरोपियों संजय केशवानी, साधना केशवानी, एवं सहायक ग्रेड-1 पुष्प कुमार प्रधान एवं अन्य के विरूद्ध धारा 318(4), 61(2), 238 बीएनएस 2023 एवं धारा 7सी, भ्र.नि.अ. 1988 संशोधित 2018 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।